सिरमौर में 75 श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिली छात्रवृत्ति, 21.41 लाख रुपये हुए खर्च
हिमाचल प्रदेश सरकार श्रमिक वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं
यंगवार्ता न्यूज नाहन 4 जून:
हिमाचल प्रदेश सरकार श्रमिक वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाना है।
जिला सिरमौर में जिला कामगार कल्याण कार्यालय द्वारा बोर्ड की छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत श्रमिक के अधिकतम दो बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया जाता है। योजना के अनुसार प्रथम से आठवीं कक्षा तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को 8400 रुपए प्रतिवर्ष तथा नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 12 हजार रुपए प्रतिवर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्नातक स्तर पर कला, विज्ञान, वाणिज्य (बीए, बीएससी, बीकॉम) अथवा समकक्ष पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 36 हजार रुपए प्रतिवर्ष की सहायता दी जाती है। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को 60 हजार रुपए प्रतिवर्ष तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त एक वर्षीय, द्विवर्षीय एवं तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 48 हजार रुपए प्रतिवर्ष तथा तीन वर्षीय पॉलीटेक्निक डिप्लोमा कर रहे विद्यार्थियों को 60 हजार रुपए प्रतिवर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, पीएचडी तथा अन्य अनुसंधान एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी है। ऐसे विद्यार्थियों को 01 लाख 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिससे वह अपनी उच्च शिक्षा को आर्थिक बाधाओं के बिना जारी रख सकें।
जिला कामगार कल्याण कार्यालय ने पात्र श्रमिक परिवारों से आग्रह किया है कि वे इस महत्वाकांक्षी छात्रवृत्ति योजना का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। जिला सिरमौर स्थित जोगीवन की निवासी संध्या ठाकुर इस योजना से लाभान्वित होने वाले विद्यार्थियों में से एक हैं। संध्या ठाकुर ने जमा दो (10$2) की शिक्षा पूर्ण करने के बाद कंप्यूटर डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया। उनके परिवार को हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की शिक्षण छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 48 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सहायता से उन्हें अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने में आर्थिक संबल मिला तथा आगे की पढ़ाई का मार्ग प्रशस्त हुआ।
संध्या ठाकुर ने बताया कि छात्रवृत्ति राशि ने उनकी शैक्षणिक यात्रा को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रदेश सरकार एवं कामगार कल्याण बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सिरमौर जिला के तहसील नाहन के ग्राम धौण की निवासी 21 वर्षीय निकिता ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2022 से 2025 तक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन से कला विषय में स्नातक डिग्री प्राप्त की है। जिसके लिए उन्हें जिला कामगार कल्याण कार्यालय द्वारा छात्रवृति योजना के तहत 72 हजार रुपये की राशि उच्च शिक्षा हेतु प्राप्त हुई है। निकिता ठाकुर ने श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
नाहन के ग्राम धौण से ही अंजली को भी जिला कामगार कल्याण कार्यालय से छात्रवृति योजना के तहत 72 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस योजना से प्राप्त वित्तीय सहायता से उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा पूर्ण करने के सपने को साकार करते हुए अप्रैल, 2026 में स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा दे दी है। अंजली ने इस योजना को लागू कर श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया है।
जिला कामगार कल्याण अधिकारी पारितोष तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार के जिला कामगार कल्याण कार्यालय सिरमौर द्वारा बोर्ड की छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 75 पात्र लाभार्थियों को इस योजना के तहत लाभान्वित किया गया है, जिस पर 21.41 लाख रुपये व्यय किए जा चुके है। जिला कामगार कल्याण अधिकारी ने पात्र श्रमिक परिवारों से इस महत्वाकांक्षी छात्रवृति योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया है ताकि श्रमिकों के बच्चों को उज्जवल भविष्य प्रदान किया जा सके।
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