यंगवार्ता न्यूज चम्बा, 4 जून, 2026 :
उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल ने जिले के समस्त नागरिकों से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश की सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया होती है। यह केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्वरूप का विस्तृत चित्र प्रस्तुत करती है। सरकार द्वारा बनाई जाने वाली अधिकांश विकास योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों का आधार जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही होते हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जो आधुनिक तकनीक और नागरिक सहभागिता के माध्यम से अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनगणना प्रक्रिया मुख्यतः दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना के अंतर्गत प्रत्येक भवन, मकान और परिवार से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इस दौरान मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, ईंधन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित आंकड़े संकलित किए जाएंगे।
द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, व्यवसाय, प्रवास, भाषा तथा अन्य निर्धारित विवरण एकत्र किए जाएंगे। इन आंकड़ों के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं का आकलन कर विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं।
मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जनगणना-2027 की एक विशेषता स्व गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) सुविधा है। इसके माध्यम से नागरिक निर्धारित डिजिटल पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जो जनगणना कर्मियों द्वारा मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना प्रारम्भ होने से 15 दिन पूर्व यानि 1 से 15 जून तक सक्रिय रहेगा। यह प्रक्रिया के सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण के पश्चात एक विशिष्ट स्वगणना पहचान संख्या (एसई आईडी) उतपन्न होगी।
उपायुक्त एवं जिला जनगणना अधिकारी चम्बा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि स्व-गणना (सेल्फ ऐनुमैरेशन) की सुविधा का लाभ उठाने के लिए नागरिकों को निर्धारित पोर्टल
https://se.census.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण करना होगा। इसके लिए सबसे पहले पोर्टल पर अपने राज्य का चयन कर आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके उपरांत परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी दर्ज कर परिवार का पंजीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिवार के मुखिया का नाम तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि बाद में इनमें संशोधन संभव नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के बाद नागरिक अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करेंगे तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद आवासीय भवन का सटीक स्थान डिजिटल मानचित्र पर चिन्हित कर उसकी पुष्टि करनी होगी। स्थान सत्यापन के पश्चात मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना से संबंधित निर्धारित बहुविकल्पीय प्रश्नावली को भरना होगा, जिसके लिए पोर्टल पर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सहायता सामग्री भी उपलब्ध रहेगी।
उपायुक्त ने बताया कि प्रश्नावली भरने के बाद नागरिकों को अपनी दर्ज की गई जानकारी की अनुभागवार समीक्षा करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान आवश्यक संशोधन किए जा सकेंगे तथा जानकारी को ड्राफ्ट के रूप में भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। निर्धारित अवधि के भीतर सभी विवरणों को अंतिम रूप देकर "पुष्टि करें और सबमिट करें" विकल्प के माध्यम से जानकारी जमा करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम प्रस्तुतीकरण के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।
उन्होंने आगे बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण होने पर परिवार को एक विशिष्ट सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (एसई आईडी) प्रदान की जाएगी। बाद में जब जनगणना कर्मी संबंधित परिवार के पास पहुंचेगा तो उसे यह एसई आईडी उपलब्ध करवानी होगी। यदि एसई आईडी का मिलान पोर्टल पर दर्ज विवरण से हो जाता है तो जानकारी का सत्यापन कर उसे स्वीकार कर लिया जाएगा। किसी कारणवश मिलान न होने की स्थिति में जनगणना कर्मी द्वारा आवश्यक विवरण पुनः एकत्रित किए जाएंगे।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। जनगणना अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाता और न ही इसका उपयोग कर निर्धारण, जांच या किसी अन्य प्रशासनिक कार्रवाई के लिए किया जाता है। इसलिए नागरिकों को बिना किसी संकोच के सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवानी चाहिए।
जिला जनगणना अधिकारी ने जिला चम्बा के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे जनगणना-2027 में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें, सही जानकारी उपलब्ध कराएं तथा इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। एक सटीक जनगणना ही बेहतर योजनाओं, संतुलित विकास और समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।