आपदा में भी संवेदनहीन रही कांग्रेस सरकार, राहत छोड़ पर्यटन और राजनीतिक आयोजन में व्यस्त रहे मुख्यमंत्री व मंत्री : संदीपनी भारद्वाज
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर हिमाचल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्री आपदा की घड़ी में राहत एवं पुनर्वास कार्यों पर ध्यान देने के बजाय केवल दिखावटी दौरों, फोटो सेशन और राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। उन्होंने कहा कि नगरोटा में आयोजित बाल दिवस कार्यक्रम के बहाने मुख्यमंत्री और मंत्री पूरे समय "साइट सीन" करते रहे, जबकि दूसरी ओर आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोग आज भी मूलभूत सहायता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि बोह क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से आश्वासनों के अतिरिक्त कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ। जिन लोगों के घर, खेत और आजीविका प्रभावित हुई, वे आज भी राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पीड़ितों के प्रति संवेदनशील होती तो राहत सामग्री, पुनर्वास और आर्थिक सहायता को प्राथमिकता देती, लेकिन कांग्रेस सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह उलट दिखाई दीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दौरे से पहले बोह में वाटरप्रूफ टेंट लगाने, शाहपुर एवं रैत विश्राम गृहों में रातों-रात नए परदे और सोफे लगाने, पठानकोट से फर्नीचर मंगवाने तथा रंग-रोगन कराने पर सरकारी संसाधनों का उपयोग किया गया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जिन पैसों का उपयोग वीआईपी स्वागत की तैयारियों पर किया गया, यदि वही राशि आपदा पीड़ित परिवारों की सहायता में खर्च की जाती तो अनेक परिवारों को वास्तविक राहत मिल सकती थी। सरकार ने जनता की पीड़ा से अधिक अपने दिखावे को महत्व दिया।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश के अन्य मंत्री भी विभिन्न क्षेत्रों में केवल औपचारिक निरीक्षण करते रहे। उन्होंने न तो राहत कार्यों की वास्तविक समीक्षा की और न ही प्रभावित परिवारों को कोई ठोस सहायता उपलब्ध कराई। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सरकार का पूरा तंत्र केवल मीडिया प्रबंधन और प्रचार तक सीमित होकर रह गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बाल मेले के बहाने कांगड़ा में कांग्रेस के मंत्रियों के एक गुट ने रात्रि में राजनीतिक बैठक एवं पार्टी का आयोजन किया, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री धर्मशाला सर्किट हाउस में अलग-थलग पड़े रहे। यह कांग्रेस सरकार के भीतर बढ़ती गुटबाजी और नेतृत्व संकट का स्पष्ट प्रमाण है। सरकार के मंत्री जनता की समस्याओं से अधिक आपसी शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक समीकरण साधने में लगे हुए हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार का अपने ही जमीनी कार्यकर्ताओं से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। जिन कार्यकर्ताओं ने चुनाव के समय दिन-रात मेहनत की, आज उन्हें न तो सम्मान मिल रहा है और न ही सरकार में उनकी कोई सुनवाई है। यही कारण है कि कांग्रेस के भीतर लगातार असंतोष बढ़ रहा है और सरकार जनता के साथ-साथ अपने संगठन का भी विश्वास खो चुकी है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल की जनता सब कुछ देख रही है। आपदा जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी यदि सरकार का ध्यान राहत और पुनर्वास के बजाय दिखावे, सरकारी तामझाम और राजनीतिक आयोजनों पर रहेगा तो जनता इसका जवाब समय आने पर अवश्य देगी। भाजपा ने मांग की कि सरकार आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, पारदर्शी सहायता और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करे तथा सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बंद करे।
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