अफीम की खेती करने वाले को हुई जेल , सिरमौर के मंडपा गांव में चोरी छिपे हो रही थी नशे की खेती 

हिमाचल प्रदेश में भले ही अफीम और भांग की खेती पर पूर्ण प्रतिबंध है। बावजूद इसके भी चोरी छिपे अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब  के साथ लगते एक गांव में सामने आया है। जहां एक व्यक्ति द्वारा लहसुन के बीच अफीम की खेती शुरू की हुई थी। बताते हैं कि उक्त व्यक्ति लंबे समय से चोरी छिपे अफीम की खेती को अंजाम दे रहा था। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी

Mar 29, 2025 - 19:38
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अफीम की खेती करने वाले को हुई जेल , सिरमौर के मंडपा गांव में चोरी छिपे हो रही थी नशे की खेती 
यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  29-03-2025
हिमाचल प्रदेश में भले ही अफीम और भांग की खेती पर पूर्ण प्रतिबंध है। बावजूद इसके भी चोरी छिपे अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब  के साथ लगते एक गांव में सामने आया है। जहां एक व्यक्ति द्वारा लहसुन के बीच अफीम की खेती शुरू की हुई थी। बताते हैं कि उक्त व्यक्ति लंबे समय से चोरी छिपे अफीम की खेती को अंजाम दे रहा था। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। 
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम विक्रम बाग के मंडपा गांव पहुंची जहां देखा कि मंडपा के रहने वाले नसीरुद्दीन पुत्र असलो दीन ने लहसुन और गेहूं के साथ अफीम की खेती भी शुरू कर रखी है। पुलिस ने नसीरुद्दीन के खेतों में उगाए गए अफीम के 113 पौधे बरामद किए जिसे पुलिस ने नष्ट कर दिए हैं। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विक्रम बाग के साथ लगते मंडप्पा गांव में एक व्यक्ति द्वारा अफीम की खेती की जा रही है। 
जिसके चलते पुलिस ने गांव में दबिश दी और नसीरुद्दीन के खेतों से 113 अफीम के अवैध पौधे उखाड़ दिए। उन्होंने कहा कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन के न्यायिक हिरासत पर भेजा गया है। गौर हो की जिला सिरमौर में शायद यह पहला मामला है जिस में न्यायालय ने उसे पुलिस रिमांड न देने की बजाय सीधा जुडिशल डिमांड पर भेज दिया है। 

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