यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन 03-06-2026
अरिहंत इंटरनेशनल स्कूल नाहन के नौवीं कक्षा के छात्र अथर्व का चयन भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय संस्कृत प्रतिभा छात्रवृत्ति के लिए हुआ है। यह प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति संस्कृत स्तोत्र एवं प्रशिक्षण केंद्र द्वारा 14 वर्ष तक की आयु वर्ग के उन छात्रों को प्रदान की जाती है। जो भारतीय कलाओं जैसे शास्त्रीय संगीत , नृत्य , शास्त्रीय गायन , पारंपरिक मूर्ति कला अथवा भारतीय शैली के चित्रकला में विशेष दक्षता रखते हैं।
अथर्व का चयन पारंपरिक चित्रकला वर्ग में हुआ है। वह कांगड़ा शैली में चित्रकारी करते हैं। अरिहंत इंटरनेशनल स्कूल नाहन के निदेशक एक्टिविटी डॉक्टर संजीव अत्री ने बताया कि अथर्व का चयन पारंपरिक चित्र कला वर्ग में हुआ है। उन्होंने कहा कि वह कांगड़ा शैली में चित्रकारी करते हैं। जनवरी माह में इस वर्ष अथर्व ने संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित प्रायोगिक एवं साक्षात्कार परीक्षा में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि इस सांस्कृतिक प्रतिभा खोज परीक्षा में देश पर से 2000 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न पारंपरिक कलाओं वर्गों में अपनी कलाओं की प्रतिभा प्रदर्शित की है जिनमें 600 से अधिक कलाकार छात्र संस्कृत छात्रवृत्ति हेतु चयनित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इन छात्रवृत्ति हेतु हिमाचल प्रदेश से केवल दो छात्रों का चयन हुआ है जिनमें पहले छात्र अरिहंत इंटरनेशनल स्कूल नाहन का अथर्व है , जबकि दूसरा छात्र शिमला जिला का अरुण डोगरा है। उन्होंने कहा कि अरुण डोगरा को यह छात्रवृत्ति तबला वादन में प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि अथर्व की इस उपलब्धि के लिए सारे विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई दी अथर्व को दसवीं कक्षा तक ₹3600 तथा जमा दो और जमा एक में 4500 रुपए प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति प्राप्त होगी।