खुले में शराब पी तो एक्साइज एक्ट तहत होगी करवाई : उपायुक्त

जिलाधीश अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एन आई सी कांफ्रेंस हॉल में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला स्तरीय एन-कोर्ड समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक द्रव्यों के सेवन एवं रोकथाम के दृष्टिगत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और उपस्थित सदस्यों से रोकथाम के लिए उठाएं कदमों पर विस्तृत चर्चा की

Nov 29, 2025 - 18:53
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खुले में शराब पी तो एक्साइज एक्ट तहत होगी करवाई  :  उपायुक्त

चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान में हर नागरिक अधिकारी अपनी सहभागिता करें सुनिश्चित-

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    29-11-2025

जिलाधीश अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एन आई सी कांफ्रेंस हॉल में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला स्तरीय एन-कोर्ड समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक द्रव्यों के सेवन एवं रोकथाम के दृष्टिगत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और उपस्थित सदस्यों से रोकथाम के लिए उठाएं कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त ने कहा प्रदेश सरकार ने चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान लांच किया है। इसके तहत शिक्षण संस्थानों से लेकर समाज के हर हित धारकों को इस अभियान में जोड़ा जा रहा है। ताकि सरकार के संकल्प को पूरा कर सकें । इसके साथ ही चिट्टा मुक्त हिमाचल बन सके।इस अभियान में हर नागरिक, अधिकारी, कर्मचारी और हित धारक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। 

सरकार के इस अभियान के तहत की जा रही एक्टिविटी काफी अच्छी हो रही है। इसमें हर विभाग अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है। बैठक ने निर्देश दिए गए है कि पंचायत स्तर पर सूचना प्रणाली को मजबूत करना बेहद जरूरी है। ताकि नशे के कारोबार करने वालों के बारे में तुरंत सूचना जांच एजेंसियों को मिल सके । उपायुक्त ने कहा नशा निवारण कमेटियों के माध्यम से नशा मुक्त हिमाचल बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। 
  
बैठक में चर्चा के दौरान उपायुक्त ने बताया कि सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करते हुए पाए गए तो एक्साइज एक्ट की सेक्शन 46 के तहत करवाई की जाएगी। इस एक्ट के तहत 1 हजार से लेकर पांच हजार तक का जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही तीन महीने तक जेल का भी प्रावधन है।

बैठक में ड्रग ट्रैफिकिंग के ट्रेंड्स के बारे में इंटेलिजेंस/जानकारी का लेन-देन, चुरा पोस्त और गांजे की फसल की गैर-कानूनी खेती पर नज़र रखना, क्रॉस स्टेट असर वाले केस की जांच की प्रोग्रेस पर नज़र रखना, स्कूलों और कॉलेजों में एंटी-ड्रग अब्यूज़ जागरूकता को बढ़ावा देना , गैर-कानूनी खेती और ड्रग के नुकसानदायक असर से प्रभावित इलाके में जागरूकता अभियान चलाना, 

नशीली फसल की गैर-कानूनी खेती से प्रभावित इलाकों में अल्टरनेटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम लागू करना, ड्रग का पता लगाने के लिए इक्विपमेंट की ज़रूरतों का अंदाज़ा लगाना और प्रपोज़ल जमा करना पर चर्चा की गई। इसके अलावा ड्रग डी-एडिक्शन और रिहैबिलिटेशन सेंटर्स की देखरेख HP NDPS रूल्स 1989 और HP इंटीग्रेटेड ड्रग प्रिवेंशन पॉलिसी 2022 के साथ-साथ NDPS एक्ट और नियमों के एनफोर्समेंट प्रोविज़न को लागू करने में मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन पक्का करना। 

 इस पॉलिसी 2022 में अलग-अलग स्टेकहोल्डर डिपार्टमेंट/ऑर्गनाइज़ेशन को दी गई एग्ज़िक्यूशन स्ट्रेटेजी और रोल के हिसाब से टाइम पर एक्शन लेना, एंटी-नारकोटिक टास्क फ़ोर्स (ANTF) के काम को मॉनिटर और रिव्यू करने के लिए सरकार लेवल पर बनी स्टेट लेवल NCORD कमेटी को एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करना और कमेटी अलग-अलग एजेंसियों/डिपार्टमेंट के ज़रिए कैनाबिस, अफ़ीम वगैरह की गैर-कानूनी खेती को हटाने के लिए ज़िम्मेदारी सुनिश्चित करेगी


यदि बैंक्वेट हॉल, पार्टी लॉन, मैरिज पैलेस, धर्मशाला या अन्य कोई भी वाणिज्यिक परिसर, अपने प्रतिष्ठान में आयोजित पार्टियों या समारोहों में बिना L-50B लाइसेंस के मदिरा परोसते हैं, तो उन्हें संबंधित ज़ोन के कलेक्टर द्वारा निम्नानुसार दंड लगाया जाएगा।।इसमें पहला अपराध: ₹50,000/- दूसरा अपराध: ₹75,000/- तीसरा तथा प्रत्येक अगले अपराध: ₹1,00,000/- रुपए है।

इसके अलावा L-6A लाइसेंस केवल होटलों और रेस्तरां के लॉन, टैरेस, रूफटॉप, स्विमिंग पूल क्षेत्र, बैंक्वेट हॉल आदि में मदिरा परोसने के लिए जारी किया जाता है।। यह लाइसेंस निम्नलिखित लाइसेंसों के साथ संयुक्त रूप से आवेदन पर जारी किया जाएगा। इसमें L-3, L-4, L-5 (संयुक्त), L-4 & L-5, L-4A, L-5A, L-3A, L-4A, L-5A शामिल।है। 

इस लाइसेंस के अनुदान हेतु उपरोक्त बारों के मालिकों के आवेदन को राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त, हिमाचल प्रदेश द्वारा स्वीकृत किया जाएगा तथा इसका अनुदान एवं नवीनीकरण ज़ोन के कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। लाइसेंस शुल्क (वित्त वर्ष 2025–26): ₹50,000/- रुपए है। यदि कोई L-3, L-4, L-5 (संयुक्त), L-4 & L-5, L-4A, L-5A, L-3A, L-4A, L-5A लाइसेंसधारी अपनी लाइसेंस प्राप्त परिसरों के बाहर, अपने ही प्रतिष्ठान के किसी अन्य भाग में बिना L-6A लाइसेंस के मदिरा परोसने की अनुमति देता है, तो संबंधित ज़ोन के कलेक्टर द्वारा निम्नानुसार दंड लगाए जाने का प्रावधान है।

इसमें पहला अपराध: ₹20,000/- दूसरा अपराध: ₹35,000/- और तीसरा अपराध: ₹50,000/- रुपए है। इसके अलावा चौथे अपराध पर संबंधित लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।L-50A (मैरेज पार्टी) L-50A परमिट:।72 बोतल IMFS/देशी शराब तथा 78 बोतल बीयर रखने की अनुमति है। L-12AA (विशेष लाइसेंस – जिला प्रभारी द्वारा जारी किया जाता है जोकि 3 दिनों तक: ₹20,000/- प्रत्येक अतिरिक्त दिन पर: ₹8,000/ शुल्क रहता है। शराब के ठेके का समय प्रातः 9:00 बजे से रात 12:00 बजे तक और बार का समय दोपहर 12:00 बजे से रात 12:00 बजे तक है।


बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर, डीएसपी अमित ठाकुर सहित जिला के सभी एसडीएम डीएसपी , स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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