बागवानों को बड़ी राहत,अब डीबीटी के माध्यम से मिलेगा MIS का पैसा,अभी तक 115 करोड़ रुपए की देनदारी
हिमाचल के बागवानों को अब एमआईएस का पैसा सीधे खातों में मिलेगा। एचपीएमसी सेब खरीद के बाद बागवानों को उसके बदले दवाई खाद अन्य औजार देते थे लेकिन अब सीधे खाते में पैसा देने का फैसला सरकार ने लिया
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 07-02-2026
हिमाचल के बागवानों को अब एमआईएस का पैसा सीधे खातों में मिलेगा। एचपीएमसी सेब खरीद के बाद बागवानों को उसके बदले दवाई खाद अन्य औजार देते थे लेकिन अब सीधे खाते में पैसा देने का फैसला सरकार ने लिया है। एमआईएस के तहत 115 करोड़ अभी एचपीएमसी द्वारा बागवानों का देना है।
बागवानी मंत्री जगत कहा कि प्रदेश में एमआईएस स्कीम के तहत केश के बदले दवाईयां या औजार देते आया है लेकिन अब डीबीटी के माध्यम से बागवानों को सेब का भुगतान किया जाएगा। पहले छोटे बागवानों को प्राथमिकता दी जाएगी उसके बाद बड़े बागवानों को भुगतना किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एमआईएस योजना केंद्र सरकार की थी लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को खत्म कर दिया जिससे हिमाचल को काफी नुक्सान हुआ है। इस योजना के तहत 154 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है और 115 करोड़ की देनदारी रही है जिसे जल्द भुगतान किया जाएगा।
वही विदेशों से सेब पर आयात शुल्क बढाने को लेकर भी जगत नेगी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा ओर कहा कि भाजपा सरकार कुछ बोलती है और करती कुछ है।पीएम मोदी हिमाचल जब जब हिमाचल आते है तो हिमाचल के सेब की बात करते है और सेब पर आयात शुल्क बढाने की बाते करते है लेकिन आयात शुल्क बढाने के बजाय केंद्र सरकार शुल्क बढाने का काम कर रही है।
न्यूजीलैंड के साथ करार कर आयात शुल्क कम कर दिया और अब ट्रम्प के दवाब में आ कर आयात शुल्क जीरो कर दिया इससे हिमाचल की आर्थिकी पर काफी असर पड़ेगा। और आने वाले समय मे सेब बागवान कठिन दौर से गुजरना पड़ेगा।
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