यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 04-03-2025
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिन्दल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 40 ऐसे बड़े ऐसे तीर्थ स्थान और मंदिर हैं जिन्हें समय-समय पर हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने अधिगृहित किया और इस अधिग्रहण के पीछे की जो भावना है वो बड़ी स्पष्ट है कि मंदिरों का जो चढ़ावा है वो मंदिरो के विकास में, रखरखाव में, यात्रियों की सुविधा में और तीर्थ स्थल के विकास के लिए इस्तेमाल हो।
वो चढ़ावा आवागमन की दृष्टि से जो लाखों-लाखों तीर्थ यात्री आते हैं उनको क्या-क्या सुविधा मुहैया करवाई जा सकती है, उनके लिए भण्डारे की व्यवस्था, जलपान की व्यवस्था, उनके बैठने, ठहरने की व्यवस्था, पुजारियों के, ब्राहमणो के पूजा-पाठ का जो हिस्सा है, वो उनको देय है और मंदिरो में भगवान की मूर्तियों का रखरखाव है, सोने-चांदी के आभूषण व आवरण की व्यवस्था है इन व्यवस्थाओं के लिए उस धनराशि का उपयोग होता है।
डाॅ. बिन्दल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अंदर सैंकड़ो ऐसे छोटे मंदिर हैं, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है परन्तु वहां पर चढ़ावे की राशि नहीं होती जिसके कारण उसका उचित रखरखाव संभव नहीं होता। ऐसे उन छोटे मंदिरों का रखरखाव, पूजा-अर्चना की व्यवस्था, वहां के पुजारी को दिया जाने वाला मानदेय इत्यादि बड़े मंदिरों के चढ़ावे से दिए जाने का प्रावधान रखा गया है।
डाॅ. बिन्दल ने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री का कथन कुछ और है, उप मुख्यमंत्री का कथन कुछ और है, कांग्रेस के प्रवक्ताओं का कथन कुछ और है, हमें इस बात से कुछ लेना-देना नहीं है कि उनकी सरकार के अंदर मतभेद है परन्तु किसी भी हालात के अंदर यह धनराशि जो उन मंदिरो के ट्रस्ट की है, उसको लूटने नहीं दिया जाएगा।