यंगवार्ता न्यूज़ - चम्बा 24-04-2026
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया है। फर्जी डॉक्टर के क्लीनिक पर छापेमारी के दौरान न सिर्फ उसका अवैध क्लीनिक पकड़ा गया, बल्कि वहां मौजूद दवाओं का सैंपल भी जांच में फेल पाया गया है। जानकारी के अनुसार आरोपी बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के लंबे समय से क्लीनिक चला रहा था। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर छापा मारा और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच के दौरान क्लीनिक में रखी कई दवाइयों को जब्त किया गया, जिनमें से कुछ के सैंपल जांच में फेल पाए गए। बताते है कि जिला चम्बा चुराह के रेटा में बिना क्लीनिक लाइसेंस सर्जरी करने वाले फर्जी डॉक्टर की दवाई का सैंपल भी फेल निकला है।
बच्चों की एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन दवा का सैंपल जांच में फेल हो गया है। क्लीनिक संचालक ने बताया कि इस दवाई को चंबा के एक दवा के थोक विक्रेता से खरीदा है। जिसे नोटिस जारी करके विभाग ने उस फार्मेसी कंपनी का नाम पूछा जिससे उसने यह दवाई खरीदी थी। इसमें दिल्ली की दवा कंपनी का नाम सामने आया है। उसे भी स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है। अब कंपनी से बैच की दवाई खरीदने वाले सभी केमिस्टों की सूची मांगी गई है। कंपनी को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इस दवाई के बैच का जो सैंपल फेल हुआ है। उसकी बिक्री पर रोक लगा दी जाए। यह सैंपल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 12 जनवरी को रेटा गांव में उस समय भरा था, जब ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर की अगुवाई में वहां चल रहे बिना लाइसेंस क्लीनिक में रेड की गई।
रेड के दौरान बंगाल का फर्जी डॉक्टर मरीजों की बवासीर बीमारी की सर्जरी करते हुए पकड़ा गया। इतना ही नहीं, उसके पास भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक भी बरामद हुआ। जिसे रखने व बेचने से संबंधित उसके पास कोई लाइसेंस नहीं था। जानकारी के मुताबिक बंगाल निवासी बिलास विश्वास चुराह में बिना लाइसेंस लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा था। राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने कहा कि रेटा में फर्जी डॉक्टर के क्लीनिक से एंटीबायोटिक दवा का सैंपल लेकर जांच को भेजा था। वह फेल निकला है। इस संबंध में संबंधित केमिस्ट व फार्मेसी कंपनी को नोटिस जारी कर दिए हैं।