विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि प्रदान करने वाला सर्वस्पर्शी बजट : हिमाचल के लिए ईको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास की दिखी नई राह

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2024-25 को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य का मजबूत आधार स्तंभ और सर्वस्पर्शी बताते हुए इसकी सराहना की

Feb 1, 2026 - 16:54
Feb 1, 2026 - 17:27
 0  19
विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि प्रदान करने वाला सर्वस्पर्शी बजट : हिमाचल के लिए ईको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास की दिखी नई राह
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला पार्टी कार्यालय में सुना सीधा प्रसारण

आत्मनिर्भर और विकसित भारत का एक ठोस ब्लूप्रिंट : जयराम ठाकुर

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   01-02-2026

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2024-25 को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य का मजबूत आधार स्तंभ और सर्वस्पर्शी बताते हुए इसकी सराहना की है। 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का लगातार 13वाँ और महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट बताते हुए इसे अमृत काल का वह 'अमृत-कलश' करार दिया जो अर्थ से सामर्थ्य और अंत्योदय से अभ्युदय की ओर ले जाने वाला है, जिसमें विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के लिए ईको-टूरिज्म के तहत 'ईको ट्रेल्स' (ट्रेकिंग ट्रैक) विकसित करने की घोषणा एक क्रांतिकारी कदम है।

शिमला स्थित पार्टी कार्यालय में बजट का सीधा प्रसारण वरिष्ठ नेताओं के साथ सुनने के बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत का एक ठोस ब्लूप्रिंट है। 7% की विकास दर और 12.2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बुनियादी ढांचा निवेश के साथ, यह बजट आईटी, सेमीकंडक्टर और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों को नई गति प्रदान करेगा। ​विशेष रूप से 12.75 लाख रुपये तक की कर-मुक्त आय ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। '

लखपति दीदी' और 'महात्मा गांधी हैंडलूम' जैसी योजनाओं के माध्यम से नारी शक्ति और बुनकरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा गया है। कैंसर की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और हिमाचल में 'माउंटेन ट्रेल' जैसे प्रोजेक्ट दर्शाते हैं कि यह बजट 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के साथ हर वर्ग और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने वाला है।

उन्होंने कहा कि बजट में इस बात का खास तौर से जिक्र होने से पहाड़ी राज्य हिमाचल में पर्यटन गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी और रोजगार के साधन बढ़ेंगे। नए पर्यटन स्थल उभरेंगे और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विस्तार होगा जो राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह बजट न केवल घरेलू उद्योगों, ऊर्जा सुरक्षा और कृषि उत्पादकता को बल देता है, बल्कि हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और एमएसएमई सेक्टर को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा, जिससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। 

हिमाचल के परिप्रेक्ष्य में यह बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों की सहायता से विशेष वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया है, जो पिछले वर्ष आई आपदा के जख्मों को भरने और भविष्य के सुरक्षित पुनर्निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। 

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के तहत बजट आवंटन से हिमाचल के दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा सुधरेगा, जिससे पर्यटन को और अधिक विस्तार मिलेगा। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रावधानों के साथ-साथ राज्य के फार्मा हब को मजबूती देने के लिए एमएसएमई क्षेत्र के लिए क्रेडिट गारंटी योजना और नई ऋण व्यवस्था से हिमाचल के दवा उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रस्ताव से प्रदेश के बागवानों और किसानों की आय में वृद्धि होगी, साथ ही सौर ऊर्जा की दिशा में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' से पहाड़ी क्षेत्रों के परिवारों को आर्थिक राहत के साथ-साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी। 

लगभग 7% की विकास दर और समावेशी विकास के मंत्र के साथ यह बजट गरीब कल्याण, किसान उत्थान, नारी शक्ति के सम्मान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित है, जो अधोसंरचना विकास के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है। कार्यक्रम में अंत में उन्होंने संत शिरोमणि बाबा रविदास को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow