युवा कांग्रेस नेता प्रदीप चौहान ने दी बुढ़ी दिवाली की शुभकामनाएँ,पर्व के इतिहास और महत्व पर डाला  प्रकाश

युवा कांग्रेस नेता प्रदीप चौहान ने समूचे क्षेत्रवासियों को बुढ़ी दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पारंपरिक पर्व हमारे पर्वतीय समाज की सांस्कृतिक पहचान है, जिसे सदियों से अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता

Nov 20, 2025 - 14:31
Nov 20, 2025 - 19:22
 0  15
युवा कांग्रेस नेता प्रदीप चौहान ने दी बुढ़ी दिवाली की शुभकामनाएँ,पर्व के इतिहास और महत्व पर डाला  प्रकाश
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब    20-11-2025

युवा कांग्रेस नेता प्रदीप चौहान ने समूचे क्षेत्रवासियों को बुढ़ी दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पारंपरिक पर्व हमारे पर्वतीय समाज की सांस्कृतिक पहचान है, जिसे सदियों से अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है। 

उन्होंने कहा कि बुढ़ी दिवाली का संबंध पौराणिक परंपराओं और ऐतिहासिक लोककथाओं से है। मान्यता है कि यह पर्व भगवान राम के वनवास से लौटने के काफी समय बाद उन क्षेत्रों में मनाया गया था जहाँ दीये जलाने की परंपरा देर से पहुँची, इसलिए इसे ‘बुढ़ी दिवाली’ कहा गया।

प्रदीप चौहान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों और उत्तराखंड के जौनसार–बावर क्षेत्र में यह पर्व विशेष धूमधाम से मनाया जाता है। महिलाओं द्वारा महीनेभर पहले से की जाने वाली तैयारियाँ, घरों की साफ-सफाई, पारंपरिक व्यंजन और लोकनृत्य इस पर्व की अनूठी पहचान रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बुढ़ी दिवाली केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता को मजबूत करने का अवसर है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर नए सिरे से रिश्तों को मजबूत करते हैं। 

समाज को जोड़ने वाली यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक संजोकर रखने योग्य है।प्रदीप चौहान ने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे इस पर्व को अपनी सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सुरक्षित रखें और सामुदायिक मेल-जोल को बढ़ावा दें। उ

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow