बकरियों का शिकार करने आया था तेंदुआ कुत्तों के चुंगल में फंसा, नाहन के जोगीबन का है मामला...

हिमाचल प्रदेश के नाहन मुख्यालय वन मंडल में बीती रात एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण घटनाक्रम ने क्षेत्र में दहशत के बाद राहत दी। नाहन से लगभग 15 किलोमीटर दूर चंडीगढ़-देहरादून हाईवे पर जोगीबन गांव में एक तेंदुए ने बकरी फार्म पर हमला

Feb 23, 2026 - 19:55
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन    23-02-2026

हिमाचल प्रदेश के नाहन मुख्यालय वन मंडल में बीती रात एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण घटनाक्रम ने क्षेत्र में दहशत के बाद राहत दी। नाहन से लगभग 15 किलोमीटर दूर चंडीगढ़-देहरादून हाईवे पर जोगीबन गांव में एक तेंदुए ने बकरी फार्म पर हमला कर दिया। लेकिन फार्म की सुरक्षा में तैनात गद्दी कुत्तों की सतर्कता और साहस ने पहले बाड़े में मौजूद बकरे-बकरियों की रक्षा की। 

इसके बाद सुबह दो युवकों का अनमोल जीवन भी बचा लिया। बाद में वन्य प्राणी विभाग ने करीब तीन घंटे के जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद घायल तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, देर रात तेंदुआ फार्म में घुस आया। 

बकरे और बकरियों की सुरक्षा के लिए मौजूद गद्दी कुत्तों की टोली तुरंत सक्रिय हो गई। पूरी रात कुत्तों ने तेंदुए को फार्म के एक कोने में घेरकर रोके रखा, जिससे वह खुले क्षेत्र में भाग न सके। यह असाधारण सतर्कता आगे चलकर निर्णायक साबित हुई।

दोपहर करीब एक बजे वन्य प्राणी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि संकरे पाइप में छिपे तेंदुए को ट्रैंक्विलाइज़र गन (बेहोशी के इंजेक्शन) से सुरक्षित तरीके से काबू कैसे किया जाए। टीम ने पहले पाइप के एक सिरे को मजबूत जाली से बंद किया और दूसरे सिरे पर पिंजरा लगाया, ताकि तेंदुआ बाहर निकले तो सीधे पिंजरे में कैद हो जाए। 

हालांकि यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। रेस्क्यू के बाद तेंदुए को बेहोशी की हालत में वन परिक्षेत्र अधिकारी शंभूवाला के परिसर में लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात उसे टूटीकंडी स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजने की तैयारी की गई। 

शाम साढ़े चार बजे तक तेंदुआ बेहोशी की अवस्था में ही था। नाहन के वनमंडलाधिकारी ने बताया कि लगभग तीन घंटे चले इस जटिल ऑपरेशन के बाद तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। उन्होंने गद्दी कुत्तों की बहादुरी और टीम की तत्परता की सराहना की।

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