प्रदेश में 22 फीसदी लोगों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारे में ठीक से पता नहीं
हिमाचल प्रदेश में 22 फीसदी लोगों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारे में ठीक से पता नहीं है। इनमें भी 5.3 फीसदी लोगों को मामूली जानकारी है। चंबा और शिमला के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से जुड़े चिकित्सकों की ओर से किए गए अध्ययन में यह खुलासा हुआ
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 16-02-2026
हिमाचल प्रदेश में 22 फीसदी लोगों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारे में ठीक से पता नहीं है। इनमें भी 5.3 फीसदी लोगों को मामूली जानकारी है। चंबा और शिमला के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से जुड़े चिकित्सकों की ओर से किए गए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। हिमाचल के 450 वयस्क नागरिकों पर यह नमूना अध्ययन किया गया।
अध्ययन में यह पाया गया कि 83 फीसदी से अधिक लोगों को यह जानकारी थी कि आयुष्मान भारत एक निशुल्क और कैशलेस स्वास्थ्य योजना है, जबकि 72 फीसदी लोगों ने सही बताया कि इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
82 फीसदी प्रतिभागियों को यह जानकारी थी कि सर्जरी और गंभीर बीमारियों के इलाज पर लाभार्थी को कोई भुगतान नहीं करना पड़ता है। हालांकि, योजना की तकनीकी और प्रक्रियात्मक जानकारी के मामले में जवाब संतोषजनक नहीं रहे।
यह अध्ययन चंबा मेडिकल कॉलेज और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला से जुड़े डॉ. बंदना गौतम डॉ. रजत कौंडल और डॉ. हर्षिता ग्रोवर ने संयुक्त रूप से किया है। इसे इंटरनेशनल एकेडमिक रिसर्च जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ नामक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
अध्ययन में यह पाया गया कि केवल 59 फीसदी लोगों को ही यह जानकारी थी कि योजना की पात्रता ऑनलाइन जांची जा सकती है। वहीं, डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र को लेकर जागरूकता करीब 68 फीसदी तक सीमित रही।
निजी जांच प्रयोगशालाओं में योजना की मान्यता और नवीनीकरण प्रक्रिया को लेकर भी बड़ी संख्या में प्रतिभागी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। विशेषज्ञों के अनुसार जानकारी की यह कमी योजना के वास्तविक उपयोग में सबसे बड़ी बाधा बन रही है।
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