RSS की पत्रिका मातृवंदना का राज्यपाल ने किया विमोचन, महिलाओं को 33% आरक्षण पर मतदाताओं की सबसे बड़ी भूमिका

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सोमवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पत्रिका “मातृवंदना” के विशेषांक का विमोचन किया

Apr 13, 2026 - 20:20
Apr 13, 2026 - 20:40
 0  5
RSS की पत्रिका मातृवंदना का राज्यपाल ने किया विमोचन, महिलाओं को 33% आरक्षण पर मतदाताओं की सबसे बड़ी भूमिका
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    13-04-2026

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सोमवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पत्रिका “मातृवंदना” के विशेषांक का विमोचन किया. इस अवसर पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि मातृवंदना देश में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रधर्म की भावना जगाने वाली पत्रिका है। 

साथ ही राज्यपाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की परंपरा में महिलाओं को पहला स्थान दिया गया है. इस अधिनियम से महिलाएं न केवल मतदाता अपितु नीति निर्धारक के रूप में कार्य करेंगी. राज्यपाल ने कहा कि इस अधिनियम की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका मतदाताओं की है। 

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि मातृवंदना राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने वाली एक महत्वपूर्ण पत्रिका बताया. उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पत्रिका कई वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रही है और समाज में राष्ट्रधर्म तथा देशभक्ति के मूल्यों को मजबूत करने का कार्य कर रही है। 

राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी पत्रिकाएं और उनसे जुड़ी संस्थाएं नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना और जिम्मेदारी का भाव पैदा करती हैं. उन्होंने आगे कहा कि मीडिया और पत्रिकाओं की समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी होती है और उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से करना चाहिए। 

राज्यपाल ने यह भी उल्लेख किया कि “मातृवंदना” जैसी पत्रिकाएं समाज को सही दिशा देने और सकारात्मक सोच विकसित करने में अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश में लगभग 50 प्रतिशत मतदाता महिलाएं हैं और उन्हें केवल मतदाता के रूप में नहीं बल्कि नीति निर्धारक के रूप में भी सक्रिय भूमिका देने की ज़रूरत है। 

उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है ताकि वे निर्णय प्रक्रिया में सशक्त रूप से शामिल हो सकें. राज्यपाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण से पहले राधा का नाम लिया जाता है और विवाह निमंत्रण पत्रों में भी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। 

इस अधिनियम की सफलता अंततः मतदाताओं पर निर्भर करती है, क्योंकि लोकतंत्र में सबसे बड़ी भूमिका जनता की होती है। इसके बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी आती है। वहीं, इस दौरान मंडी जिला के सरकाघाट में 19 वर्षीय बालिका की हत्या की घटना पर भी राज्यपाल ने गहरा शोक व्यक्त किया। 

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक शांतिप्रिय राज्य है और ऐसी घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री से मुलाकात के विषय में राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा. उन्होंने आश्वस्त किया कि वह सरकार के साथ समन्वय बनाकर प्रदेश की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow