कांग्रेस सरकार ने शुरू किया हिमाचल ऑन सेल कार्यक्रम ,  चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए बेची जा रही प्रदेश की संपत्ति : जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी स्थित भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में 12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के विषय पर आधारित एक विशेष फोटो प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ और अवलोकन किया, जिसमें उनके साथ सदर के विधायक अनिल शर्मा, भाजपा प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य तथा जिलाध्यक्ष निहाल चंद शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के उपरांत मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की

Jun 24, 2026 - 19:29
Jun 24, 2026 - 19:46
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कांग्रेस सरकार ने शुरू किया हिमाचल ऑन सेल कार्यक्रम ,  चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए बेची जा रही प्रदेश की संपत्ति : जयराम ठाकुर
यंगवार्ता न्यूज़ - ​मंडी  24-06-2026
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी स्थित भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में 12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के विषय पर आधारित एक विशेष फोटो प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ और अवलोकन किया, जिसमें उनके साथ सदर के विधायक अनिल शर्मा, भाजपा प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य तथा जिलाध्यक्ष निहाल चंद शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के उपरांत मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की और कहा कि केंद्र सरकार का अब तक का कार्यकाल देश के लिए अत्यंत स्वर्णिम रहा है, जिसने वैश्विक पटल पर भारत को एक बेहद शक्तिशाली और सशक्त राष्ट्र के रूप में पुनर्स्थापित किया है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए बड़े गर्व की बात है। प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर कड़ा प्रहार करते हुए जयराम ठाकुर ने सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को आड़े हाथों लिया और सीधे तौर पर आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पूरे प्रदेश में 'हिमाचल ऑन सेल' का टैग लगा दिया है, क्योंकि यह सरकार प्रदेश की बहुमूल्य संपत्तियों को बेचने पर आमादा है, जिसकी इजाजत भाजपा न तो पहले देती थी और न ही अब सुक्खू सरकार को देगी। 
उन्होंने कहा कि जैसी भाजपा ने आशंका व्यक्त की थी कि सरकार चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी संपतियों को बेचने जा रही है ठीक वही होने जा रहा है। ऐतिहासिक व विश्वप्रसिद्ध होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल की प्रस्तावित नीलामी के मुद्दे पर सुक्खू सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले को मुकाम तक पहुंचाने और इसमें बड़ी जीत हासिल करने का वास्तविक श्रेय पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के प्रयासों तथा पूर्व की तमाम सरकारों को जाता है, परंतु मुख्यमंत्री सुक्खू केवल अपनी झूठी वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं। उन्होंने खुलासा किया कि इस संपत्ति पर न्यायालय का फैसला लगभग ढाई साल पहले ही आ चुका था, परंतु वरिष्ठ अधिवक्ता मनु सिंघवी ने सरकार पर अपना लगातार दबाव बना रखा था, जिसके कारण विलंब हुआ और अब वर्तमान सरकार इसकी टेंडर प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी करते हुए किसी एक चहेते को सीधे तौर पर फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जिससे भ्रष्टाचार की बातें सामने आ रही हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार अब तक प्रदेश की बहुत सारी संपत्तियों को बेच चुकी है और इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए इस सरकार ने हाल ही में राज्य पर्यटन विकास निगम की 18 बड़ी संपत्तियों व होटलों को भी प्राइवेट सेक्टर को ठेके पर देने के आदेश जारी कर दिये हैं जिसके विरोध में पर्यटन निगम के तमाम कर्मचारी आज सड़कों पर उतरकर तीव्र प्रदर्शन कर रहे हैं, परंतु यह जनविरोधी सरकार कर्मचारियों के हितों को दरकिनार कर अपनी तानाशाही चला रही है, जिसका भाजपा पुरजोर विरोध जारी रखेगी। इसके साथ ही, वर्ष 1975 में देश में लगाए गए क्रूर आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने की पूर्व संध्या पर इतिहास के पन्नों को पलटते हुए जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी के दोहरे चरित्र पर हमला बोला और कहा कि जो कांग्रेस आज देश में लोकतंत्र बचाने की बड़ी-बड़ी दुहाई देती है, उसकी असलियत यह है कि उसने समय-समय पर लोकतंत्र की निर्मम हत्या की है और यह काला इतिहास किसी से छिपा नहीं है। 
हालही में आप सबने देखा कि कैसे सुक्खू सरकार ने लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई पंचायती राज और स्थानीय निकाय के चुनाव तक लोकतंत्र का गला घोंट कर अपने फायदे के लिए टालने का प्रयास किया। उन्होंने याद दिलाया कि २५ जून १९७५ की मध्यरात्रि को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर देश पर थोपा गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था, जो लगभग 21 महीनों तक चला और जिसने नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, व्यक्तिगत आजादी और न्यायालय जाने के मौलिक अधिकारों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाकर संपूर्ण देश को एक खुली जेल में बदल दिया था। उस क्रूर काल में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई और जॉर्ज फर्नांडीस सहित हजारों विपक्षी नेताओं और लाखों देशभक्त कार्यकर्ताओं को बिना किसी मुकदमे के जबरन जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया था, समाचार पत्रों पर सख्त सेंसरशिप लागू कर स्वतंत्र पत्रकारिता का गला घोंट दिया गया था, न्यायपालिका पर भारी दबाव बनाकर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया गया था, और मीसा कानून का घोर दुरुपयोग करते हुए संजय गांधी के नेतृत्व में जबरन नसबंदी तथा गरीबों का अमानवीय विस्थापन किया गया था। 
नेता प्रतिपक्ष ने अंत में जोर देकर कहा कि उस कठिन दौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), जनसंघ और एबीवीपी के स्वयंसेवकों ने भूमिगत रहकर लोकतंत्र को बचाने का ऐतिहासिक संघर्ष किया था, जिसमें स्वयं देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुजरात में एक युवा प्रचारक के रूप में भूमिगत रहकर साहित्य वितरण और संदेश पहुंचाने की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अंततः 1977 के ऐतिहासिक आम चुनाव में देश की जागरूक जनता ने मतदान के माध्यम से इस तानाशाही का करारा जवाब देकर केंद्र में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार का गठन किया। 
उन्होंने कहा कि 44 वें संविधान संशोधन द्वारा भविष्य में आपातकाल लगाना कठिन बनाया गया और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त संवैधानिक प्रावधान किए गए; २५ जून १९७५ केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक बड़ा प्रहार था, इसलिए आज जो लोग लोकतंत्र के रक्षक बनने का ढोंग कर रहे हैं, उन्हें इतिहास याद रखना चाहिए क्योंकि भारत की अंतिम और वास्तविक शक्ति किसी व्यक्ति या पार्टी में नहीं बल्कि देश के संविधान और यहां की जनता में निहित है।

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