सावधान : अब अधूरे कागजातों के टोल बैरियर से निकलना पड़ेगा भारी , विभाग के खास कैमरे करेंगे वाहनों की निगरानी 

बिना पूरे कागजातों के टोल बैरियरों से वाहन निकालना अब महंगा पड़ेगा। परिवहन विभाग की नजर आप पर है। आपके वाहन के कागजात में कोई भी कमी है , तो फास्टैग के माध्यम से यह बात परिवहन विभाग को पता चल रही है। शिमला में बैठे-बैठे परिवहन विभाग के अधिकारी चालान काट रहे हैं और टोल बैरियर पर ही वाहन मालिकों को मैसेज आ रहे हैं। पिछले 19 दिनों में 71 लाख रुपए की राशि के चालान कट गए हैं

Apr 4, 2025 - 12:30
Apr 4, 2025 - 12:53
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सावधान : अब अधूरे कागजातों के टोल बैरियर से निकलना पड़ेगा भारी , विभाग के खास कैमरे करेंगे वाहनों की निगरानी 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  04-04-2025

बिना पूरे कागजातों के टोल बैरियरों से वाहन निकालना अब महंगा पड़ेगा। परिवहन विभाग की नजर आप पर है। आपके वाहन के कागजात में कोई भी कमी है , तो फास्टैग के माध्यम से यह बात परिवहन विभाग को पता चल रही है। शिमला में बैठे-बैठे परिवहन विभाग के अधिकारी चालान काट रहे हैं और टोल बैरियर पर ही वाहन मालिकों को मैसेज आ रहे हैं। पिछले 19 दिनों में 71 लाख रुपए की राशि के चालान कट गए हैं। इतना ही नहीं, ये चालान 500 या एक हजार रुपए के नहीं , बल्कि 10 से 15 हजार रुपए के हैं और भरने ही पड़ेंगे। हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने नेशनल हाईवे पर स्थापित हुए सभी टोल बैरियर पर कैमरे स्थापित कर दिए हैं। खासकर कमर्शियल व्हीकल पर ज्यादा नजर है, क्योंकि इनके दस्तावेजों में टैक्स को लेकर कमियां रहती हैं। इनके अलावा दूसरे वाहन मालिक भी चपेट में आ गए, तो उनके भी चालान काटे जा रहे हैं। 
यदि आपके पास वाहन के दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो चालान अपने आप कट जाएगा। परिवहन विभाग पिछले एक साल से ई-डिटेक्शन योजना पर काम कर रहा था। विभाग ने पहले चरण में एनएचएआई के टोल बैरियर से फास्टैग डाटा लेकर इस योजना को सिरे चढ़ा दिया है। परिवहन निदेशालय में बने कंट्रोल रूम तक यह डाटा पहुंच रहा है। इससे विभाग को यह पता चल रहा है कि किस वाहन की इंश्योरेंस समाप्त हो चुकी है और वह गाड़ी चल रही है। दूसरा कितने ऐसे वाहन हंै, जो सडक़ पर तो दौड़ रहे हैं, लेकिन इनकी पासिंग तय समय पर नहीं हुई है। ये टैक्स डिफॉल्टर तो नहीं हैं। इसके अलावा वाहन का पंजीकरण व हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी है या नहीं। पहले चरण में व्यावसायिक वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। दूसरे चरण में इस योजना का दायरा बढ़ाकर निजी वाहनों के लिए भी कर दिया जाएगा। 
परिवहन विभाग का कहना है कि इस प्रणाली के लागू होने के बाद टैक्स चोरी पर सबसे ज्यादा नकेल कसेगी। अभी कई बार वाहन बिना टैक्स व अधूरे दस्तावेज लेकर घूमते रहते हैं। इससे जहां नियमों की अवहेलना होती है, वहीं जो टैक्स मिलना चाहिए, वह भी नहीं मिल पाता। अब इस पर नकेल कस गई है। विभाग ने पहले चरण में केवल पांच मुख्य मदों को इसमें शामिल किया है। इसमें वाहन की इंश्योरेंस न होना, तय समय पर पासिंग न होना, टैक्स की अदायगी न होना, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट न होना और वाहन का पंजीकरण शामिल हैं। विभाग बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट सहित तेज रफ्तार इत्यादि के भी चालान काटता है, लेकिन पहले चरण में केवल पांच कमियों को शामिल किया गया है। 
सनवारा , बिलासपुर , टकोली , कंडवाल सहित अन्य स्थान जहां पर एनएचएआई के टोल बैरियर है, वहां पर इस तरह से कैमरों से नजर रखी जा रही है और फास्टैग को स्कैन किया जा रहा है। परिवहन विभाग की मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना के साथ भी बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभाग की योजनाओं के बारे में चर्चा की गई। इसमें चालान की ऑनलाइन प्रक्रिया के अलावा ई-वाहनों के लिए तैयार की जा रहीं मूलभूत सुविधाओं के बारे में बताया गया। आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, लिहाजा वाहन के कागजात पूरे करने जरूरी होंगे, वरना बड़ा चालान कटना तय है।

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