एक्सक्लूसिव : 600 करोड़ के ड्रग डायवर्जन नेटवर्क में कालाअंब के डिजिटल विजन के मालिकों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी 

लम्बे समय से चल रहा है ड्रग डायवर्सन नेटवर्क के खिलाफ अब नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो ( एनसीबी ) ने सख्त कार्रवाई आरंभ कर दी है। इसी कड़ी में जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कला आम स्थित डिजिटल विजन के तीन मालिकों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। बताते हैं कि चंडीगढ़ से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में यह मामला दर्ज किया गया था

Nov 29, 2025 - 09:57
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एक्सक्लूसिव : 600 करोड़ के ड्रग डायवर्जन नेटवर्क में कालाअंब के डिजिटल विजन के मालिकों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी 
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यंगवार्ता न्यूज़ - कालाअंब  29-11-2025
लम्बे समय से चल रहा है ड्रग डायवर्सन नेटवर्क के खिलाफ अब नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो ( एनसीबी ) ने सख्त कार्रवाई आरंभ कर दी है। इसी कड़ी में जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कला आम स्थित डिजिटल विजन के तीन मालिकों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। बताते हैं कि चंडीगढ़ से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में यह मामला दर्ज किया गया था जिसके बाद एनसीबी ने डिजिटल विजन के मालिकों के खिलाफ साइकॉट्रॉपिक पदार्थों के अवैध डायवर्सन के लिए गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। 
जिसके चलते अब डिजिटल विजन के तीनों मालिकों की गिरफ्तारी तय है। गौर हो कि जिला सिरमौर के कालाअंब स्थित डिजिटल विजन फार्मा के एक जहरीले कफ सिरप के मामले में लंबे समय से जांच चल रही थी। बताते हैं कि इस कफ सिरप के सेवन से फरवरी 2020 में उधम सिंह नगर में 12 शिशुओं की मौत हो गई थी जिसके बाद डिजिटल विजन के उत्पादों की जांच शुरू की गई और यह तय हुआ कि जिस कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई वह कफ सिरप डिजिटल विजन फर्म द्वारा निर्मित किया जा रहे थे। यंगवार्ता न्यूज़ को मिली पुख्ता जानकारी के मुताविक 600 करोड़ रुपये के ड्रग डायवर्जन नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में चंडीगढ़ स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद कालाअंब स्थित डिजिटल विजन के मालिकों के खिलाफ साइकॉट्रॉपिक पदार्थों के अवैध डायवर्जन के लिए गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। 
अंबाला निवासी पुरुषोत्तम लाल गोयल और उनके बेटे कोनिक गोयल और मानिक गोयल, सात राज्यों में फैले अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एजेंसी के रडार पर हैं। इससे पहले, फर्म के पार्टनर अनुज कुमार को एजेंसी ने 1 नवंबर को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच कर रही एनसीबी की विशेष जांच टीम ने एजेंसी के अधिकारियों को बताया कि एक नई जांच में 611 किलोग्राम से अधिक साइकोट्रोपिक पाउडर, 573 किलोग्राम ट्रामाडोल बल्क मिश्रण और 12 लाख साइकोट्रोपिक गोलियाँ, 50,000 ट्रामाडोल एम्पुल और 5,000 मिडाज़ोलम शीशियाँ जब्त की हैं। इस नई जब्ती के साथ, 34 लाख से ज़्यादा साइकोट्रॉपिक टैबलेट, 10.57 लाख कफ सिरप की बोतलें, 1613 किलोग्राम कच्चा माल और 573 किलोग्राम ट्रामाडोल बल्क मिश्रण का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें सात राज्यों में फैले 600 करोड़ रुपये के ड्रग डायवर्जन नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है।
एजेंसी अब तक पंद्रह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच ​​के अनुसार, मेसर्स डिजिटल विजन साइकॉट्रॉपिक पदार्थों के अवैध डायवर्जन के लिए एक बड़े पैमाने पर अंतरराज्यीय नेटवर्क में प्राथमिक निर्माण और आपूर्ति स्रोत के रूप में काम करता था। जांच से पता चला है कि फर्म ने जोधपुर और देहरादून की फर्जी वितरक फर्मों को ट्रामाडोल कैप्सूल और कोडीन फॉस्फेट कफ सिरप की एक बड़ी खेप व्यवस्थित रूप से आपूर्ति की, जो केवल कागजों पर ही मौजूद थीं। गौर हो कि डिजिटल विज़न फार्मा के पहले भी एक जहरीले कफ सिरप से संबंधित मामले में उलझी हुई थी, जिसके सेवन से फरवरी 2020 में उधमपुर में 12 शिशुओं की मृत्यु हो गई थी।

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