यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना 27-02-2026
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले में निर्माणाधीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को विशेष गति की आवश्यकता है, उनकी उपायुक्त की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा की जाए। विभागीय स्तर पर मासिक बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित हों तथा प्रत्येक माह उपायुक्त स्वयं प्रगति की विस्तृत समीक्षा करें, ताकि सभी जनोपयोगी कार्य तय समय सीमा में पूर्ण हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में उतरकर कार्यों की प्रगति की प्रत्यक्ष निगरानी करें। वे शुक्रवार को जिला परिषद सभागार, ऊना में आयोजित जिला जन शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू सहित समिति के गैर सरकारी सदस्य एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अग्निहोत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर भवन निर्माण एवं परिसर सौंदर्यीकरण कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जब माता वैष्णो देवी मंदिर का भव्य स्वरूप विकसित हो सकता है, जब श्री वृंदावन धाम में व्यापक विकास कार्य संभव हैं, तो फिर माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में कार्यों में विलंब क्यों । उन्होंने कहा कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य आरंभ न होना अस्वीकार्य है। उन्होंने दो टूक कहा कि मंदिर कागजों पर नहीं, धरातल पर बनना चाहिए। यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति प्रशासनिक स्तर पर परिलक्षित न हो, तो योजनाएं मूर्त रूप कैसे लेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के अंतर्गत प्राप्त 56 करोड़ रुपये तथा जिला प्रशासन के 75 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के प्रबंधन एवं विकास मॉडल का अध्ययन करने के लिए एक टीम भेजे, ताकि वहां हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और अभिनव व्यवस्थाओं से सीख ली जा सके। उसी तर्ज पर आधुनिक और नवाचार पूर्ण कार्य यहां भी लागू किए जाएं और उन्हें निश्चित समयसीमा में पूरा किया जाए।
मंदिर परिसर और मार्ग में सेल्फी पॉन्ड्स, अंब रेलवे स्टेशन पर मंदिर की प्रतिकृति वाला सेल्फी पॉन्ट्स बनाने को लेकर भी विचार करें। उन्होंने मंदिर से भरवाई तक सीसीटीवी कैमरों, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ एवं सुलभ शौचालयों तथा रेन शेल्टर की व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने माता श्री चिंतपूर्णी मुख्य बाजार में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड डक्ट बनाने को कहा ताकि अटकी श्रद्धालुओं को राहत मिले। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऊना जिले में इको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को चिन्हित कर योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें। इस दिशा में संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार करें। अग्निहोत्री ने लावारिस पशुओं की समस्या को देखते हुए कृषि विभाग के माध्यम से संचालित बाड़बंदी योजना के प्रचार प्रसार पर जोर दिया। इस योजना के तहत बजट बढ़ाने को उपायुक्त के माध्यम से प्रपोजल भेजें।
ताकि किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सके और योजना का दायरा अधिक प्रभावी ढंग से विस्तारित किया जा सके। उपायुक्त जतिन लाल ने उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिया कि उपमुख्यमंत्री द्वारा बैठक में दिए सभी निर्देशों का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देशराज गौतम , कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वरिष्ठ रणजीत राणा , जल प्रबंधन बोर्ड के सदस्य पवन ठाकुर , राज्य परिवहन निगम के सदस्य विवेक मिंका , हिमाचल प्रदेश के रोपवे एवं रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के निदेशक अजय शर्मा , मेहताब ठाकुर सहित अन्य गैर सरकारी सदस्य, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा समेत सभी एसडीएम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।