मुख्यमंत्री की टिप्पणी चुने हुए प्रतिनिधियों और लाखों मतदाताओं का अपमान, सार्वजनिक माफी मांगें सीएम : हर्ष महाजन

भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने मुख्यमंत्री द्वारा जिला परिषद एवं बीडीसी चुनावों को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बयान न केवल चुने हुए जनप्रतिनिधियों का बल्कि उन लाखों मतदाताओं का भी अपमान है जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है। मुख्यमंत्री को इस गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए

Jun 5, 2026 - 17:40
Jun 5, 2026 - 17:48
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मुख्यमंत्री की टिप्पणी चुने हुए प्रतिनिधियों और लाखों मतदाताओं का अपमान, सार्वजनिक माफी मांगें सीएम : हर्ष महाजन

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  05-06-2026

भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने मुख्यमंत्री द्वारा जिला परिषद एवं बीडीसी चुनावों को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बयान न केवल चुने हुए जनप्रतिनिधियों का बल्कि उन लाखों मतदाताओं का भी अपमान है जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है। मुख्यमंत्री को इस गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। हर्ष महाजन ने कहा कि जिला परिषद, बीडीसी, पंचायत और स्थानीय निकाय लोकतंत्र की बुनियादी इकाइयां हैं। इन संस्थाओं के लिए चुने गए प्रतिनिधि जनता की आकांक्षाओं और विश्वास का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इन चुनावों और प्रतिनिधियों के महत्व को कम करके आंकना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। 
उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस पार्टी जिला परिषद चुनावों में बुरी तरह पराजित हुई है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में कांग्रेस का जनाधार खिसक चुका है और जनता ने भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को भारी समर्थन दिया है। चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस सरकार के प्रति जनता में भारी असंतोष है। हर्ष महाजन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री आज भय और निराशा के दौर से गुजर रहे हैं। स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में जनता ने जो जनादेश दिया है, उसने कांग्रेस नेतृत्व की नींद उड़ा दी है। यही कारण है कि अब हार की समीक्षा करने के बजाय जनता के फैसले को ही छोटा साबित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक विदाई यात्रा शुरू हो चुकी है। स्थानीय निकायों, नगर निगमों, जिला परिषदों और पंचायत स्तर पर मिले जनादेश ने यह संकेत दे दिया है कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस सरकार से छुटकारा चाहती है। 
आने वाले समय में यह जन आक्रोश और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। कांग्रेस नेताओं द्वारा लगातार हिंदू आस्था और सनातन परम्पराओं से जुड़े विषयों पर दिए जा रहे बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्ष महाजन ने कहा कि कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई है। कभी राम मंदिर निर्माण पर सवाल उठाए जाते हैं, कभी "जय श्रीराम" के उद्घोष पर आपत्ति जताई जाती है और कभी हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। भारत की संस्कृति, सभ्यता और राष्ट्रीय चेतना में श्रीराम का विशेष स्थान है। "जय श्रीराम" कोई राजनीतिक नारा नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। हर्ष महाजन ने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस पार्टी को "जय श्रीराम" के उद्घोष से इतनी परेशानी क्यों है? 
क्या कांग्रेस अब खुले तौर पर सनातन और हिंदू आस्था के विरोध की राजनीति करना चाहती है? प्रदेश और देश की जनता इन सवालों का जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करना चाहिए और जनता के निर्णय को स्वीकार करना चाहिए। हार की हताशा में लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुने हुए प्रतिनिधियों और धार्मिक आस्थाओं पर टिप्पणी करना किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देता। हर्ष महाजन ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, सनातन संस्कृति और जनता की भावनाओं के सम्मान के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी प्रदेशवासियों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।

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