कांग्रेस सरकार की नीतियों ने हिमाचल के औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को किया बर्बाद : डॉ. सिकंदर कुमार

भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने आज समरहिल में आयोजित "एक पेड़ मां के नाम" अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भाजपा ने पूरे प्रदेश में प्रत्येक बूथ पर 25 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। प्रदेश के लगभग 8,000 बूथों पर दो लाख से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश दिया जाएगा।

Jul 17, 2026 - 12:48
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कांग्रेस सरकार की नीतियों ने हिमाचल के औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को किया बर्बाद : डॉ. सिकंदर कुमार

यंगवार्ता न्यूज शिमला 17  जुलाई, 2026 : 

 
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने आज समरहिल में आयोजित "एक पेड़ मां के नाम" अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भाजपा ने पूरे प्रदेश में प्रत्येक बूथ पर 25 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। प्रदेश के लगभग 8,000 बूथों पर दो लाख से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश दिया जाएगा।

इस अवसर पर डॉ. सिकंदर कुमार ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज हिमाचल में विकास की जगह केवल घोषणाएं और प्रचार बचा है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टें कांग्रेस सरकार की विफलताओं की गवाही दे रही हैं। एक ओर सरकार बल्क ड्रग पार्क में उद्योगों को ₹3 प्रति यूनिट बिजली देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में उद्योगों का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उद्योगों को स्थिर नीति, विश्वसनीय बिजली, बेहतर सड़कें और प्रशासनिक पारदर्शिता नहीं मिलेगी, तब तक केवल सस्ती बिजली की घोषणाओं से निवेश नहीं आएगा। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में निवेशक प्रदेश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं और औद्योगिक विकास ठहर गया है।

उन्होंने कहा कि दूसरी ओर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के संचालन के लिए शिक्षक अपनी जेब से ₹2,500 से ₹3,000 प्रतिमाह खर्च कर स्वयं अस्थायी शिक्षक रखने को मजबूर हैं। यह प्रदेश सरकार की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। यदि शिक्षक ही सरकार की जिम्मेदारी उठाने लगें तो सरकार के अस्तित्व का औचित्य क्या रह जाता है।

डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि धरातल पर न उद्योगों को सुविधाएं मिल रही हैं और न ही शिक्षा व्यवस्था को आवश्यक संसाधन। कांग्रेस सरकार के पास न स्पष्ट नीति है, न प्रशासनिक इच्छाशक्ति और न ही विकास का कोई रोडमैप। परिणामस्वरूप प्रदेश का उद्योग, शिक्षा, रोजगार और निवेश सभी प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान इसका सशक्त उदाहरण है, जिसमें विकास के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी निहित है। भाजपा सेवा, सुशासन और सतत विकास के संकल्प के साथ जनता के बीच कार्य कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार जनता को केवल झूठे वादों और विज्ञापनों के सहारे भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की वास्तविकता को समझ चुकी है और आने वाले समय में विकास विरोधी तथा जनविरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक जवाब अवश्य देगी।

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