कालाअंब में करोड़ों की अवैध शराब मामले में मुख्यमंत्री कार्यकाल का नाम भी आया था सामने : जयराम ठाकुर

मंडी से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि 5 मई को काला अम्ब के मैन–थाप्पल में अवैध रूप से चल रही शराब की फैक्ट्री लोगों के दवाब के बाद आबकारी विभाग ने पकड़ी थी। जहां से सैकड़ों करोड़ की शराब बनाने से जुड़ा सामान था। शुरुआती कार्रवाई के बाद आबकारी  विभाग ढीला पड़ गया और आज तक उस फैक्ट्री के किंग पिन नहीं पकड़े गए। लोगों का आरोप है कि इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की संलिप्तता भी सामने आई थी। इसके बाद ही कार्रवाई रोक दी गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब चरम स्तर पर पहुंच गया है

May 29, 2025 - 19:48
May 29, 2025 - 20:00
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कालाअंब में करोड़ों की अवैध शराब मामले में मुख्यमंत्री कार्यकाल का नाम भी आया था सामने : जयराम ठाकुर
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यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी  29-05-2025

मंडी से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि 5 मई को काला अम्ब के मैन–थाप्पल में अवैध रूप से चल रही शराब की फैक्ट्री लोगों के दवाब के बाद आबकारी विभाग ने पकड़ी थी। जहां से सैकड़ों करोड़ की शराब बनाने से जुड़ा सामान था। शुरुआती कार्रवाई के बाद आबकारी  विभाग ढीला पड़ गया और आज तक उस फैक्ट्री के किंग पिन नहीं पकड़े गए। लोगों का आरोप है कि इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की संलिप्तता भी सामने आई थी। इसके बाद ही कार्रवाई रोक दी गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब चरम स्तर पर पहुंच गया है। 
हिमाचल प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर चल रही शराब की फैक्ट्री को आखिर किसका संरक्षण मिल रहा था? और इस फैक्ट्री का किंगपिन कहां है? यह प्रदेश के लोग जानना चाहते है । जयराम ठाकुर ने कहा कि आबकारी विभाग की टीम ने काला अम्ब की शराब फैक्ट्री की रेड के दौरान व्हिस्की की लगभग 230 पेटियां जब्त की थीं। बोटलिंग हॉल और निर्माण इकाई के परिसर की तलाशी में 3 लाख 95 हजार अंग्रेजी शराब के लेबल बरामद हुए थे। संतरा ब्रांड की देसी शराब के 42 हजार ऐसे लेबल भी मिले। देसी शराब के 2100 केस और अंग्रेजी शराब के 1100 केस पाए गए। इसके अतिरिक्त , बोटलिंग हॉल में कार्यरत 20-22 कर्मचारी भी अनधिकृत पाए गए। इन कर्मचारियों की कोई जानकारी डी-7 रजिस्टर में दर्ज नहीं थी। 
इस तरीके की शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई लेकिन अवैध शराब बनाने वाले लोगों पर कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई कि वह नजीर बने। आखिर करोड़ों रुपए की अवैध शराब बनाने वाली इस फैक्ट्री और उसके आकाओं को कौन बचा रहा है? क्यों बचा रहा है? इस सवाल का जवाब मिलना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि ढाई साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार ने राज्य चयन आयोग को फंक्शनल किया है और आवेदन करने वाली बेटियों से भी आवेदन शुल्क वसूल रही है। हमारी सरकार में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में आवेदन की फीस बेटियों के लिए माफ होती थी लेकिन यह सरकार बेटियों से भी आवेदन के नाम पर शुल्क वसूल रही है। यह शुल्क सरकार तत्काल वापस ले।

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