NTA की लगातार विफलताओं के खिलाफ SFI HPU यूनिट का विरोध प्रदर्शन
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की लगातार सामने आ रही गंभीर लापरवाहियों और परीक्षा व्यवस्था की विफलताओं के खिलाफ स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ अपना विरोध दर्ज किया।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला, 18 अगस्त 2026 :
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की लगातार सामने आ रही गंभीर लापरवाहियों और परीक्षा व्यवस्था की विफलताओं के खिलाफ स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ अपना विरोध दर्ज किया।
हाल ही में NTA द्वारा जून 2026 में आयोजित UGC-NET परीक्षा के अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा करवाने का निर्णय लिया गया है। प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल और अनुवाद संबंधी त्रुटियों के साथ-साथ प्रश्नों की भाषा में अस्पष्टता तथा पहले पूछे जा चुके प्रश्नों की पुनरावृत्ति जैसी गंभीर कमियाँ सामने आई हैं।
SFI HPU इकाई ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा की समस्या नहीं है, बल्कि NTA की लगातार जारी संस्थागत विफलता का परिणाम है। NEET सहित विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आई समस्याओं ने लाखों छात्रों के भविष्य और उनकी वर्षों की मेहनत को प्रभावित किया है। परीक्षा में गड़बड़ी होने पर छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे उनकी तैयारी, समय, आर्थिक संसाधन और भविष्य की योजनाएँ प्रभावित होती हैं।
SFI HPU इकाई ने कहा कि केंद्र सरकार हर बार परीक्षा संबंधी संकट सामने आने के बाद महज तात्कालिक कदम उठाती है, जबकि NTA की मूलभूत और संस्थागत समस्याओं को दूर करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। छात्रों के भविष्य को किसी भी संस्थागत लापरवाही की कीमत नहीं बनाया जा सकता।
SFI ने केंद्र सरकार से मांग की है कि NTA को समाप्त कर एक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था स्थापित की जाए। साथ ही NTA की लगातार परीक्षा संबंधी विफलताओं और UGC-NET के दोषपूर्ण प्रश्नपत्रों के पूरे मामले की न्यायिक जांच करवाई जाए।
SFI HPU इकाई ने स्पष्ट किया कि देश के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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