शिमला 09 मई, 2026 :
शिमला नगर निगम में तैनात उपनियंत्रक एवं लेखा अधिकारी रामेश्वर शर्मा की माैत मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक के जीजा किशन शर्मा ने कहा कि रामेश्वर एक मजबूत इरादों वाले व्यक्ति थे, वे किसी छोटी बात पर आत्महत्या नहीं कर सकते।
उनपर या विभाग का कोई बड़ा दबाव रहा या आंतरिक मानसिक दबाव था। कहा कि जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें सर्विस डिप्रेशन व मेंटल प्रेशर दो शब्द लिखे गए हैं। इससे जाहिर होता है कि उनपर कोई दबाव था। इसलिए मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बता दें, शुक्रवार दोपहर को संदिग्ध हालात में उनके मैहली स्थित घर पर फंदे से लटका मिला। रामेश्वर शर्मा को बीते साल ही नगर निगम में लेखा अधिकारी के पद पर तैनाती मिली थी। इससे पहले वह पंचायतीराज विभाग समेत अन्य विभागों में सेवाएं दे चुके थे। पुलिस के अनुसार घटना के समय उनकी पत्नी और बेटा घर पर नहीं थे।
करीब 45 वर्षीय मृतक रामेश्वर शर्मा मूलत: रोहड़ू के सीमा गांव के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार कंट्रोल रूम 112 के माध्यम से छोटा शिमला थाना को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया है जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नगर निगम के अनुसार रामेश्वर शर्मा रोज की तरह शुक्रवार सुबह दफ्तर पहुंचे और यहां कुछ फाइलें निपटाईं। इसके बाद अचानक आधे दिन की छुट्टी ली और घर लौट गए।