कांग्रेस ने बाबा साहेब और सरदार पटेल का हमेशा किया अपमान , पीएम मोदी ने दिया सम्मान : जयराम ठाकुर

सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित बाबा साहेब सम्मान अभियान को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आजादी की लड़ाई के बाद देश के सामने दो प्रमुख चुनौतियां थी। पहली चुनौती 500 से ज्यादा रियासतों का विलय करना और दूसरी चुनौती देश को एक बेहतरीन संविधान देना जो हर देशवासी के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों का संरक्षण कर सके तथा  भारत को एक लोकतांत्रिक देश के रूप में आगे ले जा सके।

Apr 27, 2025 - 19:43
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कांग्रेस ने बाबा साहेब और सरदार पटेल का हमेशा किया अपमान , पीएम मोदी ने दिया सम्मान : जयराम ठाकुर
कांग्रेस ने बाबा साहेब और सरदार पटेल का हमेशा किया अपमान , पीएम मोदी ने दिया सम्मान : जयराम ठाकुर
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  27-04-2025
सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित बाबा साहेब सम्मान अभियान को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आजादी की लड़ाई के बाद देश के सामने दो प्रमुख चुनौतियां थी। पहली चुनौती 500 से ज्यादा रियासतों का विलय करना और दूसरी चुनौती देश को एक बेहतरीन संविधान देना जो हर देशवासी के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों का संरक्षण कर सके तथा  भारत को एक लोकतांत्रिक देश के रूप में आगे ले जा सके। रियासतों को विलय करने का जिम्मा सरदार वल्लभ भाई पटेल को मिला।  देश के संविधान निर्माण का जिम्मा बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर को। इन दोनों को यह जिम्मेदारी प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के इच्छा के विपरीत मिली। जवाहरलाल नेहरू बाबा साहब को बिल्कुल भी पसंद नहीं करतेथे। उन्होंने हमेशा बाबा साहेब का अपमान किया। बाबा साहेब के जीते जी उन्हें सरकार से दूर रखने के हर प्रयास किया तो उनकी मृत्यु के बाद उनके शव के अपमान में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।  बाबा साहेब को सम्मान तब मिला जब भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से सरकार बनी। 
1990 में उन्हें भारत रत्न मिला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यकाल में बाबा साहेब से जुड़े स्मृतियों को पंच तीर्थ बनाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसी तरह सरदार पटेल को सम्मान देने के लिए भाजपा सरकार ने उनका स्मारक बनाया। नरेंद्र मोदी ने दुनिया का सबसे विशाल "स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के नेता पूरे देश में घूम-घूम कर संविधान बचाओ यात्रा चला रहे हैं और संविधान में खतरे है का नारा दे रहे हैं। जबकि हकीकत है कि संविधान दुनिया के सबसे मजबूत नेता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्णतया सुरक्षित है और कांग्रेस पार्टी ही खतरे में है। जिस तरीके से चुनाव दर चुनाव कांग्रेस पार्टी का संविधान खतरे में है का झूठा नैरेटिव बेनकाब हुआ है और देश के लोगों ने उन्हें नकारा है। उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस ढूंढे नहीं मिलेगी। बाबा साहब का योगदान देश की आजादी की लड़ाई के साथ–साथ आजादी के बाद देश की चुनौतियों से निपटने में भी रहा। आजादी के बाद भारत को एक लोकतांत्रिक देश बनाने के साथ-साथ एक सर्वाग्रही, सर्व समावेशी, सर्वहितकारी संविधान बनाने का दायित्व भी मिला। संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने यह दायित्व पूरी निष्ठा के साथ पूरा किया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन सामाजिक न्याय और समानता के हितों की रक्षा करते और शोषण के विरुद्ध लड़ते हुए बीता। बाबासाहेब आधुनिक भारत के सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। देश के वंचित- शोषित समुदाय के हकों के लिए उन्होंने पूरी जिंदगी संघर्ष किया। बाबा साहेब के दिखाए गए रास्ते ही शोषण  मुक्त, समानता और समरसता युक्त आदर्श समाज का निर्माण कर सकते हैं। उनका जीवन दर्शन और शिक्षाएं  हमेशा लोगों का पथ प्रदर्शन करता रहेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने सदैव बाबा साहब के खिलाफ साजिशें रची। उनका अपमान किया। उनकी क्षमताओं का, उनकी शिक्षा का लाभ देश को नहीं उठाने दिया। उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर रखने और लोक सभा का उपचुनाव हराने के लिए साजिशें रची। 1952 के लोकसभा उपचुनाव में 74333 मतों को अमान्य करवाकर कांग्रेस ने पहली बार जनादेश की लूट का प्रयास किया। 
1937 के बॉम्बे प्रेसीडेंसी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने डॉ. आंबेडकर को हराने के प्रयास में प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी बालू पालवंकर को उनके खिलाफ मैदान में उतारा। हालांकि बालू पालवंकर चुनाव हार गए, लेकिन इस प्रयास ने कांग्रेस की डॉ. आंबेडकर के विरोध की भावना को बेनकाब कर दिया। इसी प्रकार कांग्रेस के बंबई प्रीमियर, बी.जी. खरे ने यह सुनिश्चित किया कि डॉ. अंबेडकर को संविधान सभा में चुना न जाए। योगेन्द्रनाथ मंडल की वजह से बाबा साहेब बंगाल से संविधान सभा के चुनाव में चुने गए। डॉ. अंबेडकर को जिन क्षेत्रों ने वोट दिया था, जैसे कि बारिसाल , जैसोर-खुलना और फरीदपुर- के मुस्लिम बहुल क्षेत्र न होने के बावजूद कांग्रेस ने उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति दे दी। 
जिससे बाबासाहेब एक बार फिर संविधान सभा से बाहर हो गए। हिंदू महासभा के नेता और नेहरू के मुखर आलोचक, श्री एम. आर. जयकर ने पुणे से अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया ताकि डॉ. अंबेडकर को संविधान सभा के लिए चुना जा सके। कांग्रेस को बाबा साहेब के साथ किए गए कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, शिमला सांसद सुरेश कश्यप, पोंटा साहिब से विधायक सुखराम चौधरी, पच्छाद विधायक रीना कश्यप, प्रदेश महासचिव बिहारी शर्मा, पार्टी सचिव डेजी ठाकुर और मुनीश चौहान, जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता  उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने पहलगाम में आतंकियों द्वारा धर्म पूछ पूछ कर निर्दोष लोगों की हत्या किए जाने की निंदा की और पाकिस्तान को सबक सिखाने का प्रदेशवासियों भरोसा भी दिया। मोदी जी के नेतृत्व के कारण आज पूरा विश्व हमारे साथ है।

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