जिला में एनपीए हो चुके खातों की संख्या कम करने की दिशा में कार्य करें बैंक : उपायुक्त

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि समाज के विकास और जन कल्याण के लिए सरकार की योजनाओं का धरातल पर अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए कार्य करना चाहिए

Jan 12, 2026 - 18:53
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जिला में एनपीए हो चुके खातों की संख्या कम करने की दिशा में कार्य करें बैंक : उपायुक्त

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    12-01-2026

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि समाज के विकास और जन कल्याण के लिए सरकार की योजनाओं का धरातल पर अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए कार्य करना चाहिए। बैंकों की जनता के प्रति सहयोग काफी गहन होना चाहिए। ताकि लोगों को बैंकिंग सुविधाएं अच्छी मिल सके। 

उपायुक्त ने कहा कि बैंक प्रबंधन ग्रामीण क्षेत्रों में समय समय पर बैंकिंग सुविधाओं से जुड़े जागरूकता शिविरों का आयोजन करें । उपायुक्त ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता है। 

किसानों के मन में जो संदेह है उसे दूर करने के लिए बैंक स्टाफ को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा हमें अपने कार्यक्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ करना चाहिए।   सरकार की योजनाओं का लाभ  योग्य और पात्र व्यक्ति तक पहुंचा कर उनके जीवन ने सुधार करना चाहिए।

बैठक में जानकारी दी गयी कि में प्रधान मंत्री जन धन  योजना के तहत 1 लाख 99 हजार 102  खाते है।  जिला में विभिन्न   सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत  प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1 लाख 56 हजार 931,प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना 3 लाख 71 हजार 058 और  अटल पेंशन योजना के तहत 79419 लाभार्थी है। 

जिला के स्वयं सहायता समूहों को लिंक किया गया है।  इन्हें करीब 4.41 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी गई है।  प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत  16 मामलों में 168.67 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। जिला में सीडी रेशों 45.82 प्रतिशत से घटकर 44.25 प्रतिशत आई है। प्रॉयोरिटी सेक्टर एडवांस में पिछली तिमाही में 1.36 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। 

एम एस एम ई में 5.90 फ़ीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। बैठक में केंद्र की अन्य योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल सहित अन्य हितधारक मौजूद रहे। बैठक में एक बैंक ने दावा किया कि उन्होंने एक तिमाही में 572 जागरूकता कैंप जिला भर में आयोजित किए।इस पर उपायुक्त ने पूछा कि इन कैंप में एनपीए हो चुके लोगों ने क्या कोई पक्ष रखा। 

इस पर बैंक प्रतिनिधि ने बताया कि  एक भी ऐसा मामला नहीं आया है जिसमें एनपीए हो चुके व्यक्ति ने कोई मुद्दा उठाया हो। उपायुक्त ने कहा कि जिला में 7 हजार से अधिक कृषक एनपीए हो चुके है। लेकिन  बैंकों के जागरूकता शिविर में  ये लोग पहुंच ही नहीं रहे। 

ये चिंता का विषय है। बैंक प्रबंधन को देखना चाहिए कि एनपीए की संख्या किस तरह जिला ने शून्य की जाए। भविष्य में जब भी कैंप जहां आयोजित हो वहां पर उस क्षेत्र के एनपीए हो चुके लोगों को बुलाया जाए और उनकी समय को सुना जाए। इसके बाद ही आगामी प्रभावी कदम उठाए।

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