मांगो को लेकर बार-बार गुमराह कर रहा है बांध प्रबंधन : विस्थापित
रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने एक बार फिर रेणुका जी बाँध प्रबंधन की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। समिति का आरोप है कि एक तरफ जहां प्रबंधन द्वारा विस्थापितों की मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ एनजीटी के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है।
नाहन 21 मई, 2026 :
रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने एक बार फिर रेणुका जी बाँध प्रबंधन की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। समिति का आरोप है कि एक तरफ जहां प्रबंधन द्वारा विस्थापितों की मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ एनजीटी के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है।
नाहन में मीडिया से बात करते हुए समिति के प्रेस सचिव योगेश ठाकुर ने बताया कि पिछले 17 सालों से रेणुका जी बांध विस्थापित अपनी मांगों को लगातार बाँध प्रबंधन के सामने उठा रहे हैं मगर गंभीरता से मांगों को नहीं लिए जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाँध प्रबंधन द्वारा NGT के आदेशों को दरकिनार करते हुए सुरंगो का निर्माण कार्य शुरू किया गया है और रेणुका जी बाँध विस्थापित संघर्ष समिति की दखल के बाद अब काम को रोका गया है।
उन्होंने कहा कि एनजीटी ने जो शर्तें रेणुका बांध निर्माण कार्य शुरू करने के लिए रखी थी उन शर्तो को पूरा नहीं किया गया है और बाँध प्रबंधन को समिति ने चेतावनी दी है कि यदि NGT द्वारा तय मापदंडों पर काम नहीं होता है तो दोबारा से NGT में केस रिओपन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बाँध प्रबंधन यहाँ जबरन कई शर्तों को विस्थापितों पर थोपा जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा वहीं उन्होंने यह भी कहा कि बंद प्रबंधन द्वारा जो जमीन विस्थापितों के लिए देखी गई है उसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा क्योंकि कुछ जमीनी बरसात के कारण बाढ़ की चपेट में आती है तो कुछ जमीनों पर विवाद चल रहे हैं और ऐसी जमीनों पर विस्थापित नही बसना चाहते।
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