बीआरओ ने 46 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद मनाली-लेह सड़क को किया बहाल  

431 किमी लंबी सामरिक महत्व की मनाली-लेह सड़क को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 46 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए बहाल कर दिया है। अब लेह-लद्दाख की तरफ सैन्य और पर्यटक वाहनों का जाना सुगम हो जाएगा

May 12, 2025 - 21:19
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बीआरओ ने 46 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद मनाली-लेह सड़क को किया बहाल  
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यंगवार्ता न्यूज़  - मनाली-  12-05-2025

431 किमी लंबी सामरिक महत्व की मनाली-लेह सड़क को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 46 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए बहाल कर दिया है। अब लेह-लद्दाख की तरफ सैन्य और पर्यटक वाहनों का जाना सुगम हो जाएगा। बीआरओ ने लद्दाख के पांच वर्षीय तेनजिन देचन के रिबन कटवाकर सड़क का शुभारंभ करवाया।

ऑपरेशन सिंदूर के बीच दुनिया के सबसे ऊंचे दर्रे से होकर गुजरने वाली मनाली-लेह सड़क को खोलने के लिए सीमा सड़क संगठन पर लगातार दबाव बना हुआ था। ऑपरेशन को देखते हुए इस सड़क से जल्द भारतीय सेना के वाहनों को लद्दाख की तरफ भेजना जरूरी हो गया था। 

लिहाजा सीमा सड़क संगठन ने समुद्रतल से 16,000 कीट से भी अधिक की ऊंचाई से गुजरने वाली इस सड़क को सोमवार को बहाल कर दिया है। यह मार्ग मंगलवार से सभी तरह के वाहनों की आवाजाही के लिए खुल जाएगा। मिशन में करीब 12 मशीनों को तैनात किया गया। 

रास्ते में 50 फीट तक ऊंची बर्फ की दीवारें से जूझना पड़ा। बर्फ के नीचे दबी सड़क को ढूंढना सबसे बड़ी चुनौती थी। मेजर रैंक के एक अधिकारी ने बताया कि बर्फ हटाने के मिशन के बीच अचानक हिमपात होने से उन्हें फिर 10 किमी पीछे दारचा से अभियान शुरू करना पड़ा। इस पूरे अभियान की बीआरओ 70 आरसीसी के कैप्टन संजय कृष्णन ने लीड किया था।

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