बीत क्षेत्र सिंचाई योजना-2 के लिए केंद्र ने जारी की 20.25 करोड़ की पहली किश्त

हरोली विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार ने बीत क्षेत्र सिंचाई योजना-2 के लिए 20.25 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी है। यह योजना उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के दूरदर्शी और सतत प्रयासों का प्रतिफल

Jul 12, 2025 - 16:20
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बीत क्षेत्र सिंचाई योजना-2 के लिए केंद्र ने जारी की 20.25 करोड़ की पहली किश्त
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हरोली के 22 से अधिक गांवों की 50 हजार कनाल भूमि को मिलेगा सिंचाई लाभ

उपमुख्यमंत्री की 'हर खेत को पानी' पहुंचाने की प्रतिबद्धता का सुफल है यह योजना

यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना,     12-07-2025

हरोली विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार ने बीत क्षेत्र सिंचाई योजना-2 के लिए 20.25 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी है। यह योजना उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के दूरदर्शी और सतत प्रयासों का प्रतिफल है, जिसे भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय ने मार्च 2025 में स्वीकृति प्रदान की थी।

योजना की कुल लागत 75 करोड़ रुपये है, जिसमें 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना के तहत बीत, पालकवाह, कर्मपुर क्षेत्र के 22 से अधिक गांवों की लगभग 50 हजार कनाल कृषि भूमि को बेहतर सिंचाई सुविधा मुहैया होगी। इससे क्षेत्र की कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

बता दें, यह योजना उपमुख्यमंत्री के हर खेत को पानी पहुंचाने की प्रतिबद्धता का सुफल है और उनके दूरदर्शी और लक्षित प्रयासों से संभव हुई है। इस योजना की मंजूरी के लिए उन्होंने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से कई चरणों में बैठकें कीं और हिमाचल प्रदेश का पक्ष प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। डीपीआर की स्वीकृति सहित सभी तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद अब इसकी पहली किश्त जारी की गई है। 

उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए राज्य सरकार तथा जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।अग्निहोत्री ने बताया कि इससे पहले बीत क्षेत्र उठाऊ सिंचाई योजना के पहले चरण में 42 करोड़ रुपये की लागत से 9 गांवों की 29 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी। 

उन्होंने कहा कि बीत क्षेत्र एक समय गंभीर जल संकट से जूझ रहा था, लेकिन अब यहां नगदी फसलों का उत्पादन बढ़ा है और किसान कृषि कार्यों में पुनः सक्रिय हुए हैं। जिन क्षेत्रों में ट्यूबवेल नहीं पहुंचे हैं, वहां नई योजना के माध्यम से जल उपलब्ध करवाया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य हर खेत को पानी और हर किसान को राहत पहुंचाना है। इस दिशा में हम योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं और परिणाम धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। हरोली क्षेत्र में जल आपूर्ति और सिंचाई क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं पर कुल 325 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। 

इनमें बीत क्षेत्र में 66 करोड़ रुपये की योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। पोलियां में 50 लाख लीटर और दुलैहड़ में 25 लाख लीटर जल संग्रहण क्षमता वाले टैंक तैयार किए गए हैं। पाइपलाइन विस्तार कार्य भी पूर्णता की ओर है। बल्क ड्रग पार्क के लिए पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था की गई है।

इसके अतिरिक्त, पुराने तालाबों व टोबों की रिचार्जिंग के लिए 12 करोड़ रुपये, पेयजल योजनाओं पर 105 करोड़ रुपये और सिंचाई परियोजनाओं पर 130 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। क्षेत्र में नालों के तटीकरण पर भी 13 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

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