ऑर्केस्ट्रा ग्रुप विवाद की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर पद और प्रभाव से ऊपर उठकर हो सख्त कार्रवाई : भाजपा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार केवल कर्मचारी विरोधी ही नहीं, बल्कि महिला विरोधी भी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की प्रथम बटालियन जूंगा में कार्यरत "हार्मोनी ऑफ द पाइंस" ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से जुड़ा विवाद इसका स्पष्ट उदाहरण है, जहां कर्मचारियों और महिला कांस्टेबलों के साथ कथित रूप से अन्याय हो रहा है।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 31 जुलाई 2026 :
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार केवल कर्मचारी विरोधी ही नहीं, बल्कि महिला विरोधी भी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की प्रथम बटालियन जूंगा में कार्यरत "हार्मोनी ऑफ द पाइंस" ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से जुड़ा विवाद इसका स्पष्ट उदाहरण है, जहां कर्मचारियों और महिला कांस्टेबलों के साथ कथित रूप से अन्याय हो रहा है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार ने पहले ऑर्केस्ट्रा ग्रुप के इंस्पेक्टर विजय कुमार को बिना आरोपों की निष्पक्ष जांच किए ही निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले तथ्यों की जांच होना न्याय का मूल सिद्धांत है, लेकिन सरकार ने इस मामले में जल्दबाजी और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया।
उन्होंने कहा कि अब इसी ऑर्केस्ट्रा ग्रुप में कार्यरत दो महिला कांस्टेबल दीपिका ठाकुर और कृतिका को भी कथित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। हाल ही में एक स्थानीय गायक गोपी जैक्स द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में दोनों महिला कांस्टेबलों के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसके बाद दोनों महिला कांस्टेबलों ने महिला पुलिस थाना, शिमला में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन अब तक उस शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि शिकायत में स्थानीय गायक के साथ-साथ प्रथम बटालियन के कमांडेंट भूपेंद्र नेगी का भी नाम शामिल है। शिकायत के अनुसार दोनों महिला कर्मचारियों पर लगातार दबाव बनाया गया, जिससे वे मानसिक तनाव का शिकार हुईं। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि महिला कांस्टेबल दीपिका ठाकुर को अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ा, फिर भी सरकार और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि महिला कर्मचारियों की शिकायत पर भी सरकार एफआईआर दर्ज नहीं करा पा रही है, तो यह कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। भाजपा इस पूरे प्रकरण की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि शिकायत के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू की जाए तथा इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके पद, प्रभाव या राजनीतिक संरक्षण की परवाह किए बिना सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
रणधीर शर्मा ने कहा कि यदि सरकार इस मामले में भी निष्पक्ष कार्रवाई करने से बचती है, तो यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि कांग्रेस सरकार महिलाओं और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है तथा प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने का काम कर रही है।
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