लिव इन रिलेशनशिप के मामलो में वृद्धि समाज के लिए चिंताजनक : राज लाली गिल

पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में खुली अदालत लगाकर महिलाओं की समस्याएं सुनीं तथा पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए

May 23, 2025 - 21:02
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लिव इन रिलेशनशिप के मामलो में वृद्धि समाज के लिए चिंताजनक : राज लाली गिल
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राहुल सोनी : अमृतसर      23-05-2025

पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में खुली अदालत लगाकर महिलाओं की समस्याएं सुनीं तथा पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि आज की लोक अदालत में आयोग द्वारा 35 मामलों की सुनवाई की गई तथा प्राप्त 30 से अधिक मामलों की मौके पर ही सुनवाई की गई। 

मीडिया से बातचीत करते हुए चेयरपर्सन ने कहा कि आयोग हर जिले में जाकर महिलाओं की समस्याओं का समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि मोहाली में पीड़ित महिलाएं आयोग तक नहीं पहुंच पाती हैं, इसलिए आयोग पंजाब के जिलों में जन सुनवाई करके समस्याओं को सुनता है तथा शिकायतों का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करता है। 

उन्होंने कहा कि आयोग पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं है तथा आयोग निष्पक्षता से मामलों की जांच करता है। राज लाली गिल ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप के बढ़ते मामले हमारे समाज के लिए चिंताजनक हैं। महिलाओं की समस्याओं को सुनने तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए पुलिस लाइन में आयोजित लोक अदालत के बाद राज लाली गिल ने कहा कि लड़के-लड़कियों तथा यहां तक ​​कि कई विवाहित पुरूष-महिलाओं को लिव-इन रिलेशनशिप की इस बुराई की ओर धकेला जा रहा है जो हमारे समाज को कीड़े की तरह खा रही है। 

जिससे बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कानून में संशोधन करने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिख रही हैं। चेयरपर्सन गिल ने इस लोक अदालत के दौरान करीब 35 मामलों की सुनवाई करते हुए पुलिस जांच अधिकारियों को अधिकतर मामलों में दोबारा जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य महिला आयोग का मानना ​​है कि किसी भी पीड़ित महिला की पूरी सुनवाई होनी चाहिए तथा उसे समयबद्ध तरीके से तर्कसंगत न्याय प्रदान किया जाना चाहिए। 

पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में राज लाली गिल ने कहा कि महिला आयोग महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में बहुत सख्त है, इसलिए किसी भी आम या खास व्यक्ति को महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करने से बचना चाहिए। आयोग पर राजनीतिक दबाव के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आयोग किसी को भी धकेलने की इजाजत नहीं देता है और बिना किसी राजनीतिक या अन्य दबाव के सभी मामलों में मध्यस्थता की भूमिका निभाते हुए पारदर्शी तरीके से पीड़ितों को न्याय दिलाने के लक्ष्य को पूरा कर रहा है। 

चेयरपर्सन लाली गिल ने कहा कि मार्च 2024 में उनके कार्यभार संभालने के बाद से अब तक 2500 से अधिक मामले सुनवाई के लिए आए हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आज वैवाहिक संबंध, संपत्ति संबंधी, एनआरआई विवाह, दहेज, लड़कियों और महिलाओं का शोषण, लिव-इन रिलेशनशिप, घरेलू हिंसा आदि से संबंधित मामले उनके पास पहुंचे हैं। 

राज लाली गिल ने कहा कि वर्तमान में असहिष्णुता और सहनशीलता की कमी के कारण परिवारों में विवाद और झगड़े बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रमों में वृद्धि भी हमारे समाज के लिए चिंताजनक है। लोक अदालत में चेयरपर्सन के साथ आयोग के उपनिदेशक निखिल अरोड़ा, एसडीएम एस: खुशप्रीत सिंह व अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।

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