शिमला पुलिस ने तोड़ी चिट्टे की सप्लाई चेन, पंजाब से 309 ग्राम हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार
शिमला पुलिस द्वारा चिट्टे (हेरोइन) के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत नशे की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की गई है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकज की जांच के आधार पर पंजाब के खरड़ से एक कथित सप्लायर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 309 ग्राम चिट्टा और 61,900 रुपये नकद बरामद किए हैं
यंगवार्ता न्यूज शिमला 16 जून, 2026 :
शिमला पुलिस द्वारा चिट्टे (हेरोइन) के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत नशे की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की गई है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकज की जांच के आधार पर पंजाब के खरड़ से एक कथित सप्लायर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 309 ग्राम चिट्टा और 61,900 रुपये नकद बरामद किए हैं। एएसपी मुख्यालय अभिषेक धीमान ने बताया कि थाना सदर शिमला में 10 जून 2026 को दर्ज अभियोग संख्या 74/2026 के तहत राहुल ठाकुर पुत्र जीत सिंह निवासी धर्मपुर, जिला मंडी के कब्जे से करीब 7 ग्राम चिट्टा और 23 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सएप चैट और वित्तीय लेन-देन का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि बरामद चिट्टे की आपूर्ति पंजाब के खरड़ निवासी हरप्रीत उर्फ हैरी द्वारा की गई थी, जो नशा तस्करी में सक्रिय रूप से संलिप्त पाया गया। प्राप्त साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर थाना सदर शिमला की टीम ने 13 जून 2026 को खरड़, पंजाब में हरप्रीत के ठिकाने पर दबिश दी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 309 ग्राम चिट्टा और 61,900 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके बाद आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी पुत्र जसबीर सिंह निवासी गोल्डन एस्टेट, खरड़, पंजाब को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी केवल व्हाट्सएप के माध्यम से ही ग्राहकों और नेटवर्क से संपर्क करता था। चिट्टे की सप्लाई के बदले मिलने वाली रकम वह अपने बैंक खाते में न मंगवाकर दोस्तों और परिवार के सदस्यों के खातों में डलवाता था तथा बाद में स्वयं नकदी निकालकर अपने पास रखता था।
पुलिस के अनुसार इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। मामले में अब तक कुल 316 ग्राम चिट्टा बरामद किया जा चुका है, जिसकी बाजार कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है।
एएसपी अभिषेक धीमान ने बताया कि शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 में हेरोइन तस्करों के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। वर्ष 2025 में जहां लगभग 1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी, वहीं वर्ष 2026 में अब तक करीब 2.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 157 मामले दर्ज किए गए हैं और 272 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 49 आरोपियों को बैकवर्ड लिंकज जांच के माध्यम से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र और केरल सहित विभिन्न राज्यों व क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2025 में ऐसे केवल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि इस वर्ष बैकवर्ड लिंकज कार्रवाई में सात गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा वर्ष 2026 में शिमला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े 38 अंतरराज्यीय नेटवर्कों का भंडाफोड़ किया है, जबकि वर्ष 2025 में इस तरह की कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी।
पुलिस का कहना है कि उसकी कार्रवाई केवल छोटे स्तर के नशा तस्करों और पेडलरों तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की आपूर्ति करने वाले मूल स्रोतों और संगठित तस्करी नेटवर्कों तक पहुंचकर उन्हें खत्म करने पर केंद्रित है। पुलिस के अनुसार यह सफलता गुणवत्ता आधारित जांच और सप्लाई चेन को ध्वस्त करने की रणनीति का परिणाम है।
What's Your Reaction?




