पंजाब और हरियाणा से दबोचे गए नशे के मुख्य सौदागर, पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों से बेनकाब किए 3 बड़े 'किंगपिन'
जिला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी रणनीति को पूरी तरह बदलते हुए अब नशा तस्करों के पूरे साम्राज्य पर सीधा हमला शुरू कर दिया है।पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुष छेड़ी गयी मुहिम के तहत अब बड़े सरगनाओं (किंगपिन्स) को बेनकाब किया जा रहा है।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 1 अगस्त, 2026 :
जिला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी रणनीति को पूरी तरह बदलते हुए अब नशा तस्करों के पूरे साम्राज्य पर सीधा हमला शुरू कर दिया है।पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुष छेड़ी गयी मुहिम के तहत अब बड़े सरगनाओं (किंगपिन्स) को बेनकाब किया जा रहा है। इसी आधुनिक और आक्रामक रणनीति के तहत कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस ने पंजाब के कपूरथला व जालंधर और हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी नेटवर्क के तीन मुख्य सप्लायरों को दबोचकर सलाखों के पीछे धकेल दिया है।
ASP मेहर पंवर ने जानकारी देते हुए कहा कि पहले मामले में, पश्चिमी शिमला पुलिस और स्पेशल सेल की टीम ने शोघी बैरियर पर एक एचआरटीसी बस की चेकिंग के दौरान कुमारसैन निवासी 19 वर्षीय अनुज राजटा से 6 ग्राम चिट्टा बरामद कर उसे गिरफ्तार किया था। मामला केवल बरामदगी तक सीमित न रखते हुए जब पुलिस ने अनुज के मोबाइल फोन, इंटरनेट प्रोटोकॉल रिकॉर्ड (IPDR), कॉल डिटेल्स और गूगल पे ट्रांजैक्शन का गहन विश्लेषण किया, तो एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। बैकवर्ड लिंकेज खंगालते हुए पुलिस की विशेष टीम ने पंजाब में रेड मारकर कपूरथला से इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना साजन सिंह और जालंधर से चंडीगढ़ क्षेत्र में सप्लाई देने वाले जतिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में साबित हुआ कि अनुज ने यह चिट्टा चंडीगढ़ में जतिन से खरीदा था और ऑनलाइन माध्यम से साजन सिंह को ₹10,500 का भुगतान किया था।
वहीं इसके साथ दूसरे मामले में, रामपुर उपमण्डल के रोपड़ू नाला क्षेत्र में डिटेक्शन सेल की टीम ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध कार से 9 ग्राम चिट्टा, एक डिजिटल वेइंग मशीन और ₹26,000 नकद बरामद कर किन्नौर के अजेन्द्र कुमार, कुल्लू की मोनिका और शिमला के निखिल को धारा 21 व 29 ND&PS एक्ट के तहत दबोचा था। इसके बाद जब पुलिस ने आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड्स, गूगल पे ट्रांजैक्शन और वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ीं, तो पता चला कि यह माल मनीमाजरा में ऑटो चालक की आड़ में नशा सप्लाई करने वाले रवि उर्फ रवि गिल से खरीदा गया था। रवि ने आरोपियों को बेचने के लिए 20 ग्राम चिट्टा दिया था, जिसके पैसे उसकी पत्नी के बैंक खाते में गूगल पे के जरिए ट्रांसफर किए गए थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शिमला पुलिस ने हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर रवि गिल को भी दबोच लिया।
पुलिस इस वर्ष 2026 में अब तक 63 मुख्य सप्लायरों (किंगपिन्स) को गिरफ्तार कर 48 बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्कों को जड़ से उखाड़ चुकी है।
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