समाज हित में आन्जभोज के टौरू गांव का ऐतिहासिक फैसला समाज को दिया विशेष संदेश 

जिस प्रकार आज के व्यस्त भरें जीवन में हर व्यक्ति के पास समय का अभाव देखने एवं सुनने को मिलता है तथा अपने गांव समाज में जरुरत से अधिक विभिन्न परम्पराओं और रीति रिवाजों का निर्वहन करना

Jan 12, 2026 - 19:00
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समाज हित में आन्जभोज के टौरू गांव का ऐतिहासिक फैसला समाज को दिया विशेष संदेश 

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    12-01-2026

जिस प्रकार आज के व्यस्त भरें जीवन में हर व्यक्ति के पास समय का अभाव देखने एवं सुनने को मिलता है तथा अपने गांव समाज में जरुरत से अधिक विभिन्न परम्पराओं और रीति रिवाजों का निर्वहन करना भी जैसे आज के दौर में कठिन होता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर आज का युवा समय के अभाव और अनेकों प्रकार के खर्चिले और समय की व्यस्तता के कारण कम करने की पैरवी कर रहा है। 

इसी परिप्रेक्ष्य में जिला सिरमौर के आन्जभोज क्षेत्र के गांव टौरू ने एक ऐतिहासिक फैसला लेने का प्रयास किया है जिसमें कि गांव में शराब बेचने और विवाह समारोह में शराब पिलाने पर प्रतिबंध लगाया है। 

वहीं डीजे कार्यक्रम केवल एक दिन, महिलाओं को कपड़े,सिक्के,घी, शक्कर, चीनी, बर्तन, उपहार पर पूर्णतः प्रतिबंध,गांव में विवाह समारोह के उपरान्त टोलुआ को बकरा देने पर रोक, प्रथम पुत्र या पुत्री के अवसर पर केवल जलपान का आयोजन इत्यादि अनेकों प्रकार के सराहनीय फैसले लेने की इच्छाशक्ति दिखाने का प्रयास किया। 

जिन फैसलों से यकिनन जहां गांव समाज के विशेषकर गरीब लोगों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी तो वहीं दूसरी ओर आज के व्यस्त भरें जीवन में गांव वासियों को समय की भी कहीं न कहीं बचत होगी,जिस ऐतिहासिक फैसले का मिडिया,सोशल मीडिया और विभिन्न क्षेत्रों में भी सराहना हो रही है क्योंकि जैसे कहां भी जाता है कि हमारा देश विभिन्नताओं का देश कहां जाता है। 

जहां पर कुछ ही दूरी पर अलग-अलग भाषा,रीति रिवाज, परम्पराए,खान पान इत्यादि कि विशेषताएं देखने एवं सुनने को मिलती हैं, परन्तु जिस प्रकार की इच्छाशक्ति इस गांव के बुद्धिजीवियों, युवाओं और  मातृशक्ति ने दिखाई है निसंदेह हम सभी युवाओं और गांव वासियों के लिए भी कहीं न कहीं अनुसरणीय मानी जाती है,जिस फैसले का प्रारूप मौखिक के साथ लिखित रूप में भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। 

जिस ऐतिहासिक फैसले का नव युवक मंडल टौरू ने समस्त गांव के बुद्धिजीवियों और समस्त ग्रामीणों का आभार भी व्यक्त किया और शिरगुल महाराज के जयकारे से समापन किया,इस प्रकार अगर भविष्य में हम आप भी अपने अपने गांव समाज में इस प्रकार के किसी न किसी रूप में ऐतिहासिक फैसले लेने की इच्छाशक्ति और जागरूकता समाज के लिए दिखा पाए, क्योंकि जिस प्रकार विवाह समारोह में लाखों रुपए की शराब बांटी जाती है। 

जिस शराब और अनेकों प्रकार के नशे के कारण सौहार्दपूर्ण वातावरण ही अनेकों बार गंभीर स्थिति को पैदा करता है जिस गांव का ये ऐतिहासिक फैसला दूरदर्शिता,समानता,भाईचारा और एक दूसरे के दुःख दर्द को समझने वाला फैसला माना जा सकता है।

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