अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के परिजन चिंतित

अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के परिजन चिंतित हैं। हिमाचल प्रदेश के 45,000 से ज्यादा लोग दुबई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान में कार्यरत

Mar 2, 2026 - 11:11
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अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के परिजन चिंतित

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    02-03-2026

अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के परिजन चिंतित हैं। हिमाचल प्रदेश के 45,000 से ज्यादा लोग दुबई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान में कार्यरत हैं। इन खाड़ी देशों के युद्ध की चपेट में आने से हिमाचल के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ गई है। 

हिमाचल सरकार ने भी ओवरसीज प्लेसमेंट के तहत कई युवाओं को सऊदी अरब भेजा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों को खाड़ी देशों में रह रहे हिमाचली युवाओं और उनके परिजनों से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने कहा कि विभाग को सतर्क किया गया है। 

युवाओं या उनके परिजनों की ओर से वापसी की मांग आती है, तो राज्य सरकार केंद्र सरकार के माध्यम से उन्हें सुरक्षित वापस लाने का मामला उठाएगी। परिजनों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि जरूरत पड़ने पर केंद्र के साथ समन्वय कर विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए।

दिल्ली से खाड़ी देशों के लिए उड़ानें रद्द होने के कारण इस्राइली नागरिक हिमाचल से अपने वतन नहीं लौट पा रहे हैं। रविवार को एक इस्राइली महिला गगल एयरपोर्ट पहुंची, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनिश्चितता के चलते उन्हें यहीं रुकना पड़ा। 

उन्होंने फोन पर परिवार से संपर्क कर हालात की जानकारी ली। हालांकि, कांगड़ा एयरपोर्ट पर दिल्ली से आने वाली तीन नियमित उड़ानें निर्धारित समय पर पहुंचीं। कांगड़ा हवाई अड्डा के निदेशक अमित सकलानी और वरिष्ठ प्रबंधक शैलेश सिंह ने बताया कि विशेष एडवाइजरी जारी नहीं की गई है। उड़ानें नियमित आ रही हैं। 

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