प्रदेश में सैलानियों की बाढ़, गाडिय़ों से सडक़ें जाम

राजधानी शिमला समेत सभी महत्त्वपूर्ण स्थल पर्यटन सीजन में पर्यटकों से पैक हो गए है। वीकेंड पर शनिवार को पर्यटकों के शिमला में 30 हजार से अधिक वाहन शिमला पहुंचे हैं। सैलानियों की संख्या बढऩे से शिमला के होटल 85 प्रतिशत पैक हो गए हैं।

Jun 14, 2026 - 14:23
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प्रदेश में सैलानियों की बाढ़, गाडिय़ों से सडक़ें जाम

यंगवार्ता न्यूज शिमला 14 जून, 2026 : 

राजधानी शिमला समेत सभी महत्त्वपूर्ण स्थल पर्यटन सीजन में पर्यटकों से पैक हो गए है। वीकेंड पर शनिवार को पर्यटकों के शिमला में 30 हजार से अधिक वाहन शिमला पहुंचे हैं। सैलानियों की संख्या बढऩे से शिमला के होटल 85 प्रतिशत पैक हो गए हैं। बाहरी राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग शिमला का रुख कर रहे हैं। शिमला पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्यटन सीजन के दौरान राजधानी शिमला में डेढ़ माह में 12.3 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। शिमला में पर्यटकों की संख्या और वाहनों के दबाव को देखते हुए शिमला पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

पुलिस के अनुसार मई 2026 के दौरान शोघी, बिलासपुर और किन्नौर की ओर से आने वाले प्रमुख मार्गों पर करीब 8.5 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई, जबकि जून माह में अब तक लगभग 3.8 लाख वाहन शहर में प्रवेश कर चुके हैं। शिमला पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में सिविल वालंटियर्स और छात्र स्वयंसेवकों को भी शामिल किया है। वर्तमान में करीब 50 स्वयंसेवक विभिन्न स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की सहायता कर रहे हैं। इसके साथ ही 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स को अलग-अलग सेक्टरों में तैनात किया गया है।

वर्ष 2025 में बढ़ते ट्रैफिक दबाव से निपटने के लिए जहां 127 कर्मी तैनात थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़ाकर 210 कर दी गई है। समर फेस्टिवल के दौरान तैनात तीन रिजर्व कंपनियों के करीब 70 पुलिस कर्मियों को शिमला में बनाए रखा गया है। यातायात की बेहतर निगरानी के लिए पूरे शिमला शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित किया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है।

पुलिस ने बताया कि कभी-कभी वाहनों के खराब होने से यातायात प्रभावित होता है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न सेक्टरों में तीन क्रेन तैनात की गई हैं, जो तुरंत मौके पर पहुंचकर खराब वाहनों को हटाती हैं और यातायात को सामान्य बनाती हैं।

यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इंटरसेप्टर वाहन भी विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। पुलिस ने शहर के प्रमुख पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की है, ताकि वाहनों का प्रवेश और निकास सुचारू बना रहे। कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर की ओर जाने वाले यात्रियों को शोगी-मेहली बाइपास मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन 800 वाहनों को इस मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि यातायात प्रबंधन को और सुदृढ़ करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। इसी प्रकार ट्रैफिक राइडर्स की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि विभिन्न स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया एवं यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक वॉलंटियर्स भी इस अभियान से जुड़े हैं तथा आगे और स्वयंसेवकों को भी इस पहल से जोडऩे की प्रक्रिया जारी है। शहर में यातायात की स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक इंटरसेप्टर वाहन का उपयोग किया जा रहा है।

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