हरिपुरधार अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी, एक डॉक्टर के सहारे चल रहा स्वास्थ्य केंद्र
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। ग्राम पंचायत दिऊड़ी खड़ांह के नवनिर्वाचित प्रधान विनय कुमार छिंटा ने स्वास्थ्य संस्थान में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग उठाते हुए प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
यंग वार्ता न्यूज, हरिपुरधार/लालसिंह | 20 सितंबर 2026
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। ग्राम पंचायत दिऊड़ी खड़ांह के नवनिर्वाचित प्रधान विनय कुमार छिंटा ने स्वास्थ्य संस्थान में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग उठाते हुए प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विनय कुमार छिंटा ने यंगवार्ता के संवाददाता लालसिंह को बताया कि वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार मात्र एक डॉक्टर के सहारे चल रहा है, जबकि सरकार की ओर से इसे सिविल अस्पताल का दर्जा देने की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल के अनुरूप यहां चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है।
उन्होंने बताया कि हरिपुरधार स्वास्थ्य केंद्र तीन विधानसभा क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां जिला शिमला के चौपाल क्षेत्र की कांडा बनाह, टिक्कर, कुलग और बंदल कफलाह सहित विभिन्न पंचायतों के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। वहीं शिलाई क्षेत्र की पनोग, अजरोली, जरवा जुनैली और डाहर सहित अन्य पंचायतों के लोग भी यहां स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर हैं।
इसी तरह रेणुका विधानसभा क्षेत्र की गाताधार, सांगना, मंडवाच, भलोना-भलाड़, गेहल, डिमाईना, अरट, भवाई-शिवपुर, घंडूरी, चाड़ना, ब्योंग-टटवा और बडोल सहित अनेक पंचायतों से भी मरीज उपचार के लिए हरिपुरधार पहुंचते हैं। प्रधान के अनुसार अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 100 मरीज पहुंचते हैं।
प्रधान विनय कुमार छिंटा ने कहा कि सरकार की ओर से अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा देने की अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना में भवन निर्माण का भी उल्लेख किया गया है, लेकिन अभी तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ अस्पताल का दर्जा बढ़ाकर सिविल अस्पताल किया गया है, वहीं दूसरी ओर पर्याप्त डॉक्टर, स्टाफ, भवन और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है।
उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि हरिपुरधार सिविल अस्पताल में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति, प्रस्तावित भवन का निर्माण तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि तीन विधानसभा क्षेत्रों की जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
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