ऊना में 1,012 करोड़ के जल शक्ति कार्यों की प्रमुख अभियंता ने की समीक्षा, 600 करोड़ रुपये खर्च, 400 करोड़ के कार्य जारी

ऊना जिले में जल शक्ति विभाग की करीब 1,012 करोड़ रुपये की 136 विकास योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि करीब 400 करोड़ रुपये के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। पेयजल, सिंचाई, सीवरेज और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी इन योजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के लिए विभाग की प्रदेश प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने 31 अक्तूबर से 2 नवंबर तक जिले का तीन दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मंडलों में पहुंचकर योजनाओं का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कार्यों की स्थिति जानी।

Nov 3, 2026 - 17:09
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ऊना में 1,012 करोड़ के जल शक्ति कार्यों की प्रमुख अभियंता ने की समीक्षा, 600 करोड़ रुपये खर्च, 400 करोड़ के कार्य जारी

यंगवार्ता न्यूज - ऊना, 3 नवंबर : 

ऊना जिले में जल शक्ति विभाग की करीब 1,012 करोड़ रुपये की 136 विकास योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि करीब 400 करोड़ रुपये के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। पेयजल, सिंचाई, सीवरेज और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी इन योजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के लिए विभाग की प्रदेश प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने 31 अक्तूबर से 2 नवंबर तक जिले का तीन दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मंडलों में पहुंचकर योजनाओं का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कार्यों की स्थिति जानी।

दौरे के दौरान 31 अक्तूबर को उन्होंने हरोली और कुटलैहड़ क्षेत्र में, 1 नवंबर को अंब तथा 2 नवंबर को गगरेट और अन्य संबंधित क्षेत्रों में विभागीय योजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान हरोली स्थित जल शक्ति विश्राम गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य अभियंता (हमीरपुर क्षेत्र) रोहित दुबे, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति वृत्त ऊना नरेश धीमान सहित विभिन्न मंडलों के अधिशाषी अभियंता और सहायक अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री का विशेष जोर है कि विभाग की पेयजल, सिंचाई और अन्य योजनाएं निर्धारित समय में पूरी हों, ताकि लोगों को इनका लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि विभाग इस प्राथमिकता के अनुरूप लगातार काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर नियमित नजर रखें। योजनाओं के आगामी चरणों के कार्यों के प्रस्ताव समयबद्ध तरीके से तैयार कर भेजें, ताकि उपलब्ध स्वीकृति और धनराशि के अनुरूप उन्हें प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा सके और निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पूरा किया जा सके।

अंजू शर्मा ने दौरे के दौरान पुबोवाल और बीटन के तालाबों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दृष्टि से ऐसे कार्यों को और बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्षा जल के संरक्षण और उसके जमीन में समावेश से भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है। अधिकारियों को इस दिशा में भी उपयोगी कार्यों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।

इन कार्यों की प्रगति का लिया जायजा

अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने बताया कि जिले में विभाग की कुल 136 योजनाओं में 52 पेयजल, 61 सिंचाई, 11 सीवरेज, 10 बाढ़ सुरक्षा और दो भवन निर्माण से संबंधित हैं। पेयजल और सिंचाई क्षेत्र की परियोजनाओं की इनमें बड़ी हिस्सेदारी है। इनका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का विस्तार करने के साथ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने बताया कि हरोली क्षेत्र में 74.42 करोड़ रुपये की बीत सिंचाई योजना फेज-2 का लगभग 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना से करीब 4,889 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। वहीं, बल्क ड्रग पार्क से संबंधित जल शक्ति विभाग के कार्यों पर करीब 68.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिनका लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हरोली क्षेत्र में ही 97.05 करोड़ रुपये की एम-कैड योजना का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है।

कुटलैहड़ क्षेत्र में पेयजल योजनाओं के स्रोत संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। नरेश धीमान ने बताया कि लठियाणी क्षेत्र में गोबिंद सागर जलाशय से पानी उठाकर लठियाणी और धुंदला क्षेत्र की विभिन्न पेयजल योजनाओं को लाभ पहुंचाने के लिए नाबार्ड के तहत करीब 14.93 करोड़ रुपये की लिफ्ट पेयजल योजना पर काम चल रहा है। इसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त बीत क्षेत्र में छह करोड़ रुपये की पेयजल योजना के तहत 25 लाख लीटर क्षमता का जल भंडारण टैंक बनाया जा रहा है। इस योजना का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है।

अंब नगर के वार्ड नंबर-दो में अमृत योजना के तहत 8.40 करोड़ रुपये की लागत से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। चिंतपूर्णी में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार माता चिंतपूर्णी पेयजल योजना पूरी होकर कमीशन की जा चुकी है। प्रमुख अभियंता ने इसके संचालन और नियमन की व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा योजना को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए। वहीं, 4.47 करोड़ रुपये की माता का बाग पेयजल योजना का कार्य प्रगति पर है।

जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी पेयजल और स्वच्छता से जुड़े कार्य चल रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दौलतपुर चौक, टाहलीवाल, बंगाणा और अंब में करीब 12 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। नाबार्ड के तहत लगभग 55 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं भी क्रियान्वित की जा रही हैं। गगरेट में 13 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना और दौलतपुर नगर में 5.50 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना पर काम जारी है। टाहलीवाल के ऐतिहासिक ढांचे के नवीनीकरण के लिए 3.30 करोड़ रुपये की योजना के कार्य आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अतिरिक्त टाहलीवाल में 24 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज योजना का काम भी शुरू कर दिया गया है।

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