यंगवार्ता न्यूज शिमला 25 जून, 2026 :
राज्य सरकार ने वन भूमि पर बनी 2183 सडक़ों के लंबित मामलों को निपटाने के लिए नई अधिसूचना जारी की है। सरकार ने तय किया है कि जिन सडक़ मामलों पर वन अधिकार अधिनियम (एफआरए), 2006 लागू होता है, उन्हें उसी कानून के तहत मंजूरी दी जाएगी। बाकी मामलों की प्रक्रिया वन संरक्षण से जुड़े अन्य कानूनों के अनुसार जारी रहेगी। सरकार ने यह फैसला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया है। अदालत ने राज्य सरकार को ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद वन विभाग ने सभी लंबित मामलों को व्यवस्थित तरीके से निपटाने की प्रक्रिया शुरू की है। अधिसूचना के अनुसार सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां 2183 सडक़ों के मामलों की जांच करेंगी।
इस दौरान देखा जाएगा कि कौन-सी सडक़ें वन अधिकार अधिनियम की शर्तों को पूरा करती हैं। पात्र पाए जाने वाले मामलों को मंजूरी के लिए आगे भेजा जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से लंबे समय से अटके सडक़ मामलों का समाधान होगा। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सडक़ संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अधिसूचना जनहित में जारी की गई है। इसका उद्देश्य लंबित सडक़ परियोजनाओं को कानूनी रूप से निपटाना और आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं से लोगों को जोडऩा है।