सिविल अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में भी अब स्क्रब टायफस व टायफायड के होंगे निःशुल्क टेस्ट
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। इस निर्णय के अन्तर्गत अब सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में भी स्क्रब टायफस और टायफायड के टेस्ट निःशुल्क होंगे

यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी 30-08-2025
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। इस निर्णय के अन्तर्गत अब सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में भी स्क्रब टायफस और टायफायड के टेस्ट निःशुल्क होंगे। इससे पूर्व, यह टेस्ट केवल मेडिकल काॅलेज और जिला स्तरीय अस्पतालों में ही निःशुल्क होते थे।
इस संबंध में सभी अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार की इस पहल से मरीजों को आर्थिक राहत के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी और उन्हें जांच के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।
बीएमओ करसोग डाॅ. गोपाल चैहान ने बताया कि करसोग अस्पताल में भी अब स्क्रब टायफस और टायफायड के टेस्ट पूरी तरह निःशुल्क किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को राहत मिलेगी और उनके समय की भी बचत होगी। उन्होंने बताया कि करसोग अस्पताल में प्रतिदिन 700 से 800 मरीजों की ओपीडी होती है और अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग उपचार के लिए आते हैं।
उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस और टायफायड जैसी बीमारियां अधिक सामने आती है। स्क्रब टायफस और टायफायड की जांच हेतू टेस्ट की निःशुल्क सुविधा मिलने से अब ऐसे मरीजों को उपचार करवाने में होने वाले खर्च से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व, स्क्रब टायफस और टायफायड की जांच के लिए मरीजों को 196 रुपये तक प्रति टेस्ट देने पड़ते थे।
बीएमओ ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल प्रबंधन निरंतर नई सुधारात्मक पहल कर रहा है। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल करसोग में ओपीडी में होने वाली भीड़ को नियन्त्रित करने और मरीजों को पारदर्शी एवं समयबद्ध उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए अस्पताल में एक सितंबर, 2025 से टोकन सिस्टम लागू किया जा रहा है।
इस व्यवस्था से मरीजों की जांच क्रमबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित होगी तथा भीड़ में होने वाली अव्यवस्था से बचाव होगा। डाॅ. चैहान ने बताया कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है ताकि मरीजों को बेहतर, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने बताया कि अस्पताल में खाली चल रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों को भरने के भी प्रयास किए जा रहे है।
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