सुधीर शर्मा के साथ सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने देखा ढगवार मिल्क प्लांट, बोले- धर्मशाला में बन रहा राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट

केंद्र सरकार के ‘12 साल विश्वास के, विकास के’ जनकल्याण कार्यक्रम’ के तहत राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने धर्मशाला से विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर शर्मा की अगवाई में ढगवार में निर्माणाधीन अत्याधुनिक मिल्क प्लांट का दौरा किया

Jun 16, 2026 - 18:42
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सुधीर शर्मा के साथ सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने देखा ढगवार मिल्क प्लांट, बोले- धर्मशाला में बन रहा राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट

यंगवार्ता न्यूज धर्मशाला 16 जून, 2026 : 

केंद्र सरकार के ‘12 साल विश्वास के, विकास के’ जनकल्याण कार्यक्रम’ के तहत राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने धर्मशाला से विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर शर्मा की अगवाई में ढगवार में निर्माणाधीन अत्याधुनिक मिल्क प्लांट का दौरा किया। इस दौरान सांसद ने कहा कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा निर्मित यह राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट है और इसकी विशेषता यह है कि यह विधायक सुधीर शर्मा की देखरेख में उनके विधानसभा क्षेत्र में आकार ले रहा है।

कार्यक्रम में सांसद राजीव भारद्वाज भी मौजूद रहे। दौरे के दौरान सांसद सुधांशु त्रिवेदी को प्लांट की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि धर्मशाला विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और इसमें विधायक सुधीर शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना से लेकर कई बड़े विकास कार्य धर्मशाला को मिले हैं, जिनका लाभ पूरे क्षेत्र को मिल रहा है।

यहां सुधीर शर्मा ने सांसद को बताया कि  ढगवार दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र से जुड़े किसानों की संख्या और दूध संग्रहण में लगातार वृद्धि हो रही है। दिसंबर 2023 में जहां प्रतिदिन लगभग 6,200 लीटर दूध संग्रहित किया जाता था, वहीं वर्तमान में यह आंकड़ा बढक़र करीब 24,000 लीटर प्रतिदिन पहुंच गया है। संयंत्र प्रबंधक अखिलेश पाराशर के अनुसार यह वृद्धि डेयरी सहकारी समितियों के विस्तार और किसानों को मिल रही बेहतर खरीद दरों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा क्लस्टर में सक्रिय डेयरी सहकारी समितियों की संख्या 44 से बढक़र 352 हो गई है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण दुग्ध उत्पादक संगठित व्यवस्था से जुड़ पाए हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि  लगभग 225 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पूर्णत: स्वचालित मिल्क प्लांट सितंबर तक शुरू होने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद फ्लेवर्ड मिल्क, दही, लस्सी, मोजऱेला चीज़, पनीर, योगर्ट और खोआ जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा कांगड़ा मिल्क यूनियन के तहत 20-20 हजार लीटर क्षमता वाले दो नए चिलिंग सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं।

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