सुक्खु सरकार की लूट पर पर्दा डालने के लिए भाजपा पर झूठे आरोप लगा रहे हैं जगत नेगी : बिक्रम ठाकुर
पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा बिलासपुर सीमा पर लगाए गए तथाकथित “खालसा एंट्री टैक्स” को भाजपा की साजिश बताने वाले बयान को हास्यास्पद, तथ्यहीन और जनता को गुमराह करने का एक और असफल प्रयास बताया है
यंगवार्ता न्यूज धर्मशाला 4 जून, 2026 :
पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा बिलासपुर सीमा पर लगाए गए तथाकथित “खालसा एंट्री टैक्स” को भाजपा की साजिश बताने वाले बयान को हास्यास्पद, तथ्यहीन और जनता को गुमराह करने का एक और असफल प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि जिस टैक्स को लेकर आज प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लोगों में रोष है, उसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु और उनकी कांग्रेस सरकार की है। भाजपा ने तो शुरू से ही इस एंट्री टैक्स का विरोध किया था और सरकार को चेताया था कि हिमाचल प्रदेश एक पर्यटन राज्य है, यहां आने वाले पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों पर अतिरिक्त बोझ डालना प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि आज मंत्री जगत नेगी यह बताएं कि एंट्री टैक्स लगाने का निर्णय भाजपा ने लिया था या मुख्यमंत्री सुक्खु की कांग्रेस सरकार ने? अधिसूचना कांग्रेस सरकार ने जारी की, टैक्स कांग्रेस सरकार ने लगाया, जनता से पैसा कांग्रेस सरकार ने वसूला और अब जब पूरे प्रदेश में इसका विरोध हो रहा है तो उसका ठीकरा भाजपा के सिर फोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह कांग्रेस की पुरानी आदत है कि पहले जनता पर बोझ डालो और फिर अपनी गलतियों के लिए विपक्ष को दोषी ठहराओ।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा से लेकर सड़क तक इस टैक्स का विरोध किया क्योंकि यह स्पष्ट था कि इससे हिमाचल की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा। पड़ोसी राज्यों से आने वाले पर्यटकों, व्यापारियों और आम लोगों में गलत संदेश जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खु को जनता की सुविधा से अधिक राजस्व वसूली की चिंता थी। आज स्थिति यह है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण पड़ोसी राज्यों के साथ अनावश्यक तनाव की स्थिति पैदा हुई और हिमाचल की छवि को नुकसान पहुंचा।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में हर वर्ग को परेशान करने का अभियान चला रखा है। कभी बिजली महंगी, कभी पानी महंगा, कभी डीजल पर वैट बढ़ाया जाता है और अब एंट्री टैक्स के माध्यम से लोगों की जेब पर डाका डालने का प्रयास किया गया। जनता को खजाना भरने की मशीन समझने वाली इस सरकार को यह समझना चाहिए कि करों के बोझ से विकास नहीं होता, बल्कि आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
उन्होंने कहा कि अब जब बिलासपुर सीमा पर कुछ लोगों द्वारा “खालसा एंट्री टैक्स” के नाम पर प्रतीकात्मक विरोध किया जा रहा है तो कांग्रेस सरकार और उसके मंत्री भाजपा को दोषी ठहराने में लग गए हैं। सच्चाई यह है कि लोगों का आक्रोश कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ है। यदि मुख्यमंत्री सुक्खु ने एंट्री टैक्स जैसा जनविरोधी निर्णय न लिया होता तो ऐसी स्थिति ही पैदा नहीं होती।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मंत्री जगत नेगी को भाजपा पर निराधार आरोप लगाने के बजाय मुख्यमंत्री सुक्खु से पूछना चाहिए कि आखिर जनता पर यह अतिरिक्त बोझ क्यों डाला गया। कांग्रेस सरकार पहले प्रदेश की जनता से माफी मांगे और फिर एंट्री टैक्स जैसे जनविरोधी निर्णयों को पूरी तरह वापस लेने की घोषणा करे।
उन्होंने कहा कि भाजपा स्पष्ट रूप से मानती है कि हिमाचल प्रदेश की पहचान पर्यटन, आतिथ्य और खुले स्वागत की संस्कृति से है, न कि प्रवेश द्वारों पर टैक्स वसूली से। कांग्रेस सरकार ने जिस प्रकार प्रदेश को टैक्सों के बोझ तले दबाने का काम किया है, उसका जवाब जनता आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से देगी। मुख्यमंत्री सुक्खु की सरकार कमाई करे, गलत फैसले ले और उसकी भरपाई हिमाचल की जनता करे, यह अब ज्यादा समय तक चलने वाला नहीं है। जनता सब देख रही है और कांग्रेस सरकार को उसके हर जनविरोधी फैसले का हिसाब देना होगा।
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