सरकाघाट हत्याकांड पर जयराम ठाकुर का सरकार पर हमला, सुक्खू सरकार को बताया संवेदनहीन
हिमाचल प्रदेश के सरकाघाट में 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा की निर्मम हत्या के बाद सरकार पर हमला तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना को प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का गंभीर संकेत बताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है
यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी 14-04-2026
हिमाचल प्रदेश के सरकाघाट में 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा की निर्मम हत्या के बाद सरकार पर हमला तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना को प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का गंभीर संकेत बताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
मंगलवार को शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा पर उस समय तेजधार हथियार से हमला किया गया, जब वह पढ़ाई के लिए जा रही थी। हमला इतना भयावह था कि छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन ठाकुर ने मामले में किसी बड़े नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने मांग की कि यह जांच की जाए कि आरोपी अकेले था या किसी के इशारे पर काम कर रहा था। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सिर्फ एक अलग घटना नहीं, बल्कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के चरमराने का संकेत हैं।
इस घटना ने पूरे हिमाचल को झकझोर कर रख दिया है। जयराम ठाकुर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार गहरे सदमे में है। छात्रा के पिता, जो निजी चालक हैं, अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना से कुछ समय पहले ही पिता ने अपनी बेटी से बात की थी और कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर मिली।
इस दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। नशे के बढ़ते प्रचलन को इस घटना से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि आरोपी कथित तौर पर नशे के प्रभाव में था। सरकार के नशा विरोधी अभियानों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6200 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं और 66 लोगों की मौत ओवरडोज से हुई है।
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर भी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ऐसे मामलों की संख्या 1850 से अधिक हो चुकी है, जो बेहद चिंताजनक है। सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद राज्य नेतृत्व की ओर से संवेदनशीलता और जवाबदेही का अभाव दिखा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क और परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण छात्रा को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी, जिससे उसकी सुरक्षा पर खतरा बढ़ा। प्रशासन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक समन्वय की कमी और राजनीतिक बयानबाजी के कारण शासन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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