जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह में गर्भवती गाय का सफलतापूर्वक ऑप्रेशन,41 कीलें सहित विभिन्न धातु के निकाले टुकड़े  

जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह में आज (शनिवार) को एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस सर्जरी के दौरान एक गर्भवती गाय के पेट से 28 किलोग्राम प्लास्टिक, कपड़े, रस्सियाँ और 41 कीलें सहित विभिन्न धातु के टुकड़े निकाले गए

Sep 6, 2025 - 19:30
Sep 6, 2025 - 20:07
 0  33
जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह में गर्भवती गाय का सफलतापूर्वक ऑप्रेशन,41 कीलें सहित विभिन्न धातु के निकाले टुकड़े  
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना    06-09-2025

जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह में आज (शनिवार) को एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस सर्जरी के दौरान एक गर्भवती गाय के पेट से 28 किलोग्राम प्लास्टिक, कपड़े, रस्सियाँ और 41 कीलें सहित विभिन्न धातु के टुकड़े निकाले गए। 

यह ऑपरेशन अस्पताल के प्रभारी डॉ. निशांत रनौत और डॉ. शिल्पा रनौत के नेतृत्व में डॉ. स्टेफनी, डॉ. निकिता चौधरी, रमेश चंद, सिमरन और महाबीर सिंह द्वारा किया गया। डॉ. निशांत रनौत ने बताया कि सर्जरी के उपरांत गाय को सात दिनों तक पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा ताकि उसके स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि गर्भवती गाय को कलरूही निवासी विपिन कुमार और अन्य स्थानीय लोगों द्वारा अस्पताल में लाया गया था। गाय ने बीते 4-5 दिनों से भोजन और पानी पीना बंद कर दिया था। प्रारंभिक जांच में चिकित्सकों को उसके पेट में अप्राकृतिक वस्तुओं की उपस्थिति का संदेह हुआ। इसके बाद रक्त जांच और अन्य परीक्षणों के उपरांत तुरंत शल्यक्रिया करने का निर्णय लिया गया।

पशुपालन विभाग, ऊना के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र पटियाल ने इस सफल ऑपरेशन के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्लास्टिक कचरे, कीलें और अन्य धातु सामग्री को खुले में न फेंके। कचरे का निस्तारण सही तरीके से करें ताकि पशु और पर्यावरण दोनों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

डॉ. पटियाल ने बताया कि जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह तीन जिलों का रेफरल अस्पताल है। यहां चार विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। संस्थान में अब तक 53 बड़े डायफ्रामेटिक हर्निया जैसी जटिल शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। यहां हर प्रकार की पशु शल्य चिकित्सा, रक्त जांच, और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह अस्पताल बड़े पशुओं के उपचार के लिए क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow