प्रदेश में जल स्रोतों और जल भंडारण टैंकों का हर 10 दिन में होगा निरीक्षण, मुख्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश में जल स्रोतों और जल भंडारण टैंकों का हर 10 दिन में निरीक्षण होगा और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी। जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की भी नियमित निगरानी करनी हो

Jan 6, 2026 - 16:15
Jan 6, 2026 - 16:28
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प्रदेश में जल स्रोतों और जल भंडारण टैंकों का हर 10 दिन में होगा निरीक्षण, मुख्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    06-01-2026

हिमाचल प्रदेश में जल स्रोतों और जल भंडारण टैंकों का हर 10 दिन में निरीक्षण होगा और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी। जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की भी नियमित निगरानी करनी होगी। 

जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने पेयजल स्रोतों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश जारी किए। उन्होंने दो टूक कहा कि काम को टालने की धारणा से काम नहीं चलेगा। बैठक में पेयजल योजनाओं और सीवेज योजनाओं के जीर्णोद्धार प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।

उन्होंने सफाई और सुधार कार्य जल्द पूरे करने तथा जल शोधन संयंत्रों और मल निकासी संयंत्रों की नियमित जांच करने और रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए। बैठक में फील्ड टेस्ट किट की मदद से ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों, खंड रिसोर्स पर्सन और फील्ड स्टाफ को नालों, खड्डों, झरनों और अन्य जल स्रोतों की जांच कर पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। 

बैठक में जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने कहा कि दिसंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के कुल 2,16,382 नमूने एकत्रित किए गए हैं जिनमें से केवल 5 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। 1,71,250 नमूनों की जांच फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीकेएस) के माध्यम से की गई। 

विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में 21,392 पेयजल स्रोतों और 15,611 गांवों के पानी के नमूने जांचे और 18,784 पेयजल स्रोतों के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण किए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के 17,632 गांवों में हर घर को नल से जल उपलब्ध करवाया जा चुका है। प्रदेश में जल गुणवत्ता की जांच के लिए 72 प्रयोगशालाएं चल रही हैं। 

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