हिमाचल से राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा का अपनी संपत्तियों का पूरा ब्योरा नहीं देने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर
हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा के खिलाफ नामांकन के दौरान अपनी संपत्तियों का पूरा ब्योरा नहीं देने और गलत हलफनामा दाखिल करने को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 25-03-2026
हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा के खिलाफ नामांकन के दौरान अपनी संपत्तियों का पूरा ब्योरा नहीं देने और गलत हलफनामा दाखिल करने को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसे लेकर हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने प्रतिवादी प्रदेश सरकार, चुनाव आयोग और राज्य सभा सांसद अनुराग शर्मा को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि इसे लेकर इलेक्शन पिटीशन दायर क्यों नहीं की गई।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि चुनाव याचिका केवल प्रतिद्वंदी उम्मीदवार ही दायर कर सकता है। मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी।
यह जनहित याचिका अधिवक्ता विनय शर्मा की ओर से दायर की गई है। याचिका में बताया गया है 7 मार्च 2026 को हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित किए गए अनुराग शर्मा ने नामांकन के साथ जमा किए गए हलफनामे में अपनी सभी संपत्तियों की पूरी जानकारी नहीं दी है।
आरोप लगाया गया है कि नामांकन दाखिल करते समय अनुराग शर्मा सरकारी ठेकेदार के रूप में भी काम कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक उनके नाम पर लोक निर्माण विभाग के करोड़ों रुपये के ठेके चल रहे थे, जिनके काम अभी जारी थे।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9 ए के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का सरकार के साथ सक्रिय अनुबंध होता है, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने इस मामले में चुनाव आयोग, राज्यसभा सचिवालय, प्रदेश विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर और सासंद अनुराग शर्मा को पार्टी बनाया है।
What's Your Reaction?




