कुल्लू में प्राकृतिक आपदा के कहर से एनएचपीसी बैकफुट पर, पार्वती प्रोजेक्ट को हर रोज एक करोड़ का नुकसान
ऊर्जा की बढ़ोतरी में मील का पत्थर साबित हुई एनएचपीसी की पार्वती परियोजना चरण तीन में पिछले दो महीने से ऊर्जा उत्पादन बंद है। परियोजना के 43 मीटर ऊंचे बांध और पावर हाउस में आई तकनीकी खराबी के चलते गत वर्ष 26 दिसंबर से पार्वती पावर स्टेशन की टरबाइनें जंग खा रही
यंगवार्ता न्यूज़ - बंजार 11-03-2026
ऊर्जा की बढ़ोतरी में मील का पत्थर साबित हुई एनएचपीसी की पार्वती परियोजना चरण तीन में पिछले दो महीने से ऊर्जा उत्पादन बंद है। परियोजना के 43 मीटर ऊंचे बांध और पावर हाउस में आई तकनीकी खराबी के चलते गत वर्ष 26 दिसंबर से पार्वती पावर स्टेशन की टरबाइनें जंग खा रही है।
हालांकि परियोजना की मुख्य कंपनी एनएचपीसी बांध में आई तकनीकी खराबी को लेकर गंभीर है और परियोजना के इंजीनियर व मजदूर दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। मार्च में तकनीकी कार्यों को अंजाम देकर दुरुस्त किया जा सके।
520 मेगावाट का पार्वती चरण तीन प्रोजेक्ट वर्ष 2014 से बिजली उत्पादन कर रहा है, लेकिन गत वर्ष जुलाई माह में सैंज नदी में आई बाढ़ ने एनएचपीसी को बैक फुट पर धकेल दिया है, जिससे पार्वती पार स्टेशन को हर रोज एक करोड़ का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
पानी में जलमग्न हुए सियूंड गांव में बनाए गए 43 मीटर ऊंचे बांध की गहराई को भांपने के साथ प्रोजेक्ट के इंजीनियर ऊर्जा प्रगति हेतु पसीना बहा रहे हैं। स्मरण रहे कि एनएचपीसी ने बांध में मरम्मत कार्य हेतु 26 दिसंबर से 31 मार्च तक प्रदेश सरकार से शटडाउन की स्वीकृति प्राप्त की है।
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