गुरुकुल धरेच में तबला समर कैंप 2026 का सफलतापूर्वक समापन
बीते पांच दिनों से कसुंपटी निर्वाचन क्षेत्र के धरेच स्थित गुरुकुल में चल रहे तबला समर कैंप का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस विशेष संगीत शिविर में भारत सहित विभिन्न देशों और प्रदेशों से आए लगभग 35 विद्यार्थियों ने भाग लेकर तबला वादन की बारीकियों का गहनता से अध्ययन किया।
विक्रम गंधर्व ने बताया कि शिविर के दौरान विद्यार्थियों को तबला वादन की विभिन्न शैलियों, लयकारी, रियाज की विधियों तथा मंचीय प्रस्तुति से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया गया। देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को निकट से अनुभव किया तथा गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को समझा।
उन्होने बताया कि शिविर में कई प्रतिष्ठित कलाकारों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें दिल्ली से शास्त्रीय गायक रितेश तथा हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध बांसुरी वादक हरिदत्त भारद्वाज प्रमुख रहे। अतिथि कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों एवं अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा संगीत के गूढ़ पक्षों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
बता दें कि गुरुकुल धरेच भारतीय संगीत, संस्कृति एवं पारंपरिक गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित एक विशिष्ट संस्थान है। प्राकृतिक वातावरण से घिरा यह गुरुकुल विद्यार्थियों को संगीत शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास का अवसर भी प्रदान करता है। तबला समर कैंप 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि संगीत भाषा, क्षेत्र और देश की सीमाओं से परे लोगों को जोड़ने की अद्भुत शक्ति रखता है। गुरुकुल धरेच में आयोजित यह शिविर सभी प्रतिभागियों और संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार उपलब्धि बनकर सामने आया।
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