मरुभूमि की मृगतृष्णा यूं दिखाता है नशा , शंहशाह को गुलाम यूं बनाता है नशा , कवियों ने दिया चिट्टा मुक्त का संदेश

नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा वीरवार को साई संजीवनी नर्सिंग कॉलेज एवं अस्पताल , सोलन में एंटी चिट्टा अभियान के तहत एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन में सोलन जिला के कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं के माध्यम से नशे, विशेषकर चिट्टे के दुष्प्रभावों पर तीखे व्यंग्य और मार्मिक संदेश दिए। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की

Jan 29, 2026 - 19:08
Jan 29, 2026 - 19:24
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मरुभूमि की मृगतृष्णा यूं दिखाता है नशा , शंहशाह को गुलाम यूं बनाता है नशा , कवियों ने दिया चिट्टा मुक्त का संदेश
यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन  29-01-2026

नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा वीरवार को साई संजीवनी नर्सिंग कॉलेज एवं अस्पताल , सोलन में एंटी चिट्टा अभियान के तहत एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन में सोलन जिला के कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं के माध्यम से नशे, विशेषकर चिट्टे के दुष्प्रभावों पर तीखे व्यंग्य और मार्मिक संदेश दिए। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चिट्टा आज युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है और इससे निपटने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि कविता जैसी सृजनात्मक विधा जनमानस को जागरूक करने का प्रभावी माध्यम है। 
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं लेखक मदन हिमाचली ने की। उन्होंने कहा कि साहित्य हमेशा से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाता रहा है और नशे के विरुद्ध यह अभियान भी साहित्यकारों की सहभागिता से और अधिक मजबूत होगा। इस अवसर पर साई संजीवनी अस्पताल सोलन के एमडी डॉ. संजय अग्रवाल ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने आईटीआई और शिल्ली आश्रम के बच्चों को कहानी के माध्यम से भी समझाया कि नशा कैसे युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेता है। इस मौके पर जोनल अस्पताल सोलन के नई दिशा केंद्र की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि नशा करने वाले युवक में पहला चेंज उसके व्यवहार में आता है। उन्होंने युवाओं को जागरूक किया और कहा कि किसी भी समस्या के लिए वह नई दिशा केंद्र जोनल अस्पताल में आकर बेझिझक अपनी बात कह सकते हैं। जागरूकता के माध्यम से ही हम समाज को नशे की गर्त में जाने से बचा सकते हैं। 
इस मौके पर कविता पाठ करते हुए डॉ. अजय पाठक ने नशे की व्याख्या कुछ यूं की मरुभूमि की मृगतृष्णा यूं दिखाता है नशा , शंहशाह को गुलाम यूं बनाता है नशा। मदन हिमाचली ने फरमाया कि बिकते हैं गहने व घर बार बिकता है, नशेड़ी के आगे कुछ नहीं टिकता है। सुखदर्शन ठाकुर की कविता की बानगी देखिए तुम्हारी नसों में ड्रग्स नहीं देशभक्ति का लहू बहना चाहिए। तुम्हारी आंखों में नशे की खुमारी नहीं क्रांति आभा चमकनी चाहिए। कवयित्री राधा चौहान ने नशे पर अपनी कविता पाठ करते हुए कहा कि हम सब आज यह कसम खाएंगे , हिमाचल को चिट्टा मुक्त बनाएंगे। सत्येन ने कहा कि नशा पल भर की खुशी और उम्र भर का रोग बन जाता है, होश की राह जो छोड़ दें , वो खुद ही हार जाता है। हेमंत अत्रि ने पहाड़ी में कविता पाठ कर हिमाचल से चिट्टा को समाप्त करने का संदेश दिया। 
कवि सम्मेलन में कवि संजीव अरोड़ा , यशपाल कपूर , पद्मिनी नेगी , युवा कवि जयप्रकाश शर्मा , कुमार शानू ने भी कविता पाठ किया। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नशे की भयावह सच्चाई, युवाओं की बर्बादी और समाज पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने चिट्टा मुक्त हिमाचल के संकल्प को दोहराया और इस सामाजिक बुराई के खिलाफ निरंतर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आईटीआई के छात्र-छात्राओं , शिल्ली आश्रम के बच्चों के अलावा मेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।

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