रमेश पहाड़िया - यंगवार्ता न्यूज़ 26-02-2026
आखिरकार देर रात तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा समाप्त हो गया और दिल्ली पुलिस तीनों ही आरोपियों को ट्रांजैक्ट प्रमाण पर दिल्ली ले गई। रात एक बजे एसीजेएम कोर्ट ने दिया ट्रांजैक्ट रिमांड। गौर हो कि गत दिनों दिल्ली मेंआयोजित एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया था , जिसके चलते उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस में 20 फरवरी को मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान कुछ आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने हिमाचल भवन से गिरफ्तार किया था , जबकि तीन आरोपी फरार चल रहे थे।
दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि यह तीनों ही आरोपी हिमाचल प्रदेश में रोहड़ू के नजदीक एक रिसॉर्ट में आराम फरमा रहे हैं , जिसके चलते बुधवार सुबह ही दिल्ली पुलिस के कुछ जवान और अधिकारी रोहड़ू के नजदीक चिड़गांव में उक्त रिसोर्ट में पहुंचे , जहां से पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुख्ता सूत्रों का कहना है कि दोपहर बाद हिमाचल पुलिस की खुफिया एजेंसी को जब इसकी भनक लगी तो हिमाचल प्रदेश सरकार चौंकानी हो गई और मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली नहीं ले जाने दिया जाए। जिसके चलते हिमाचल पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच देर रात तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बताते हैं कि बुधवार को दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों को शिमला के चक्कर स्थित कोर्ट पहुंची जहां से शिमला पुलिस ने उन्हें शाम करीब 7:30 बजे छोड़ दिया। सभी को लगा कि विवाद समाप्त हो गया।
लेकिन रात करीब 8:30 बजे के आसपास दिल्ली पुलिस की टीम को शोघी बैरियर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नाकेबंदी कर रोक दिया। इस बीच दिल्ली पुलिस के अधिकारी और हिमाचल पुलिस के आईपीएस अधिकारी अभिषेक के बीच काफी बहस हुई। बताते हैं कि दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने आईपीएस अधिकारी अभिषेक को कहा कि आप जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं , लेकिन अभिषेक ने कहा कि आप लोगों के खिलाफ तीन युवाओं को अपहरण करने का मामला दर्ज हुआ है जिसके चलते आप उक्त युवकों को दिल्ली नहीं जा सकते।
गौर हो कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया था जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था , लेकिन तीन आरोपी हिमाचल प्रदेश में आकर छिपे हुए थे , जिसकी भनक दिल्ली पुलिस को लगी और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया। उसके बाद हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म हो गई और हिमाचल प्रदेश पुलिस भी सक्रिय हो गई। भारत सरकार की ओर से वरिष्ठ पैनल वकील नंदलाल ठाकुर ने बताया कि हमने सबसे पहले यहां के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को आवेदन दिया।
उन्होंने आवेदन आगे भेज दिया। अब न्यायालय संख्या 2 (एसीजे) के स्थानीय मजिस्ट्रेट ने उनकी पुलिस ट्रांजिट रिमांड को मंजूरी दे दी है। अब तीनों आरोपियों को दिल्ली की उस अदालत में संबंधित स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा जहां एफआईआर दर्ज की गई थी। उधर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनु बरवाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए लाई थी। सिविल अस्पताल अंबाला में उनका परीक्षण किया गया। उनकी हालत स्थिर है। जानकार बताते है की इस प्रकरण को लेकर गृह मंत्रालय हिमाचल पुलिस के डीजीपी को तालाब कर सकती है।
रात एक बजे याचिका पर हुई सुनवाई
देर रात तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद फिर दिल्ली पुलिस ने रात करीब 1:00 बजे तीनों आरोपियों को शिमला स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम-II) की अदालत में पेश किया। तीनों आरोपी सौरभ सिंह , अरबाज खान और सिद्धार्थ अवधूत को एसीजेएम-II एकांश कपिल के आवास न्यायालय में पेश किया गया, जहां दिल्ली पुलिस की ट्रांजिट रिमांड की याचिका पर सुनवाई हुई और उसे स्वीकार कर लिया गया। जिसके चलते सुबह करीब 6:00 बजे दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर रवाना हो गई।
राहुल गांधी को खुश करने के लिए रचा गया प्रपंच : जयराम ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के सत्तारूढ़ सरकार को करारा झटका लगा और हिमाचल पुलिस हाथ मलती रह गई। दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच हुए इस टकराव के बाद हिमाचल में राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस दौरान देर रात को नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बयान जारी कर हिमाचल प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सब प्रपंच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राहुल गांधी की गुड लिस्ट में रहने के लिए रचा गया था , लेकिन मुख्यमंत्री की यह जुगत काम नहीं आई , क्योंकि अभी भी देश में कानून और संविधान चलता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जिस प्रकार आरोपियों को शरण दी जा रही है उससे साफ जाहिर होता है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है।