पानी की स्कीमों के तहत हिमाचल में सैकड़ों पंचायतें 150 करोड़ से ज्यादा बजट नहीं कर पाई खर्च
हिमाचल प्रदेश में सैकड़ों पंचायतें 150 करोड़ से ज्यादा बजट खर्च नहीं कर पाई। यह बजट पंचायतों को पानी की स्कीमों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए दिया गया था। राज्य सरकार ने अब इन पंचायतों से बजट वापस लेकर जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित कर दिया
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 06-04-2026
हिमाचल प्रदेश में सैकड़ों पंचायतें 150 करोड़ से ज्यादा बजट खर्च नहीं कर पाई। यह बजट पंचायतों को पानी की स्कीमों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए दिया गया था। राज्य सरकार ने अब इन पंचायतों से बजट वापस लेकर जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित कर दिया है।
अब विभाग खुद इस बजट को पानी की स्कीमों पर खर्च करेगा। हालांकि, योजनाएं दुरुस्त हो जाने के बाद इनका रखरखाव पंचायतें ही करेंगी। इनके संचालन के लिए लोगों से निर्धारित शुल्क भी ले सकेंगी। पंचायती राज संस्थाओं के बजट को 31 मार्च तक विभाग को हस्तांतरित करने को कहा गया था। ज्यादातर संस्थाओं ने पैसा लौटा दिया है।
सरकार का तर्क यह है कि पंचायतें पैसा खर्च नहीं कर पा रही हैं। यह पैसा लैप्स न हो जाए, इसलिए पैसा पंचायती राज संस्थाओं से वापस लेकर जलशक्ति विभाग को दे दिया है। कुछ पंचायती राज संस्थाओं से यह पैसा वापस नहीं आया है। जिला परिषद और पंचायत समितियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों जैसे एडीसी और बीडीओ को बजट 15वें वित्त आयोग के तहत दिया था।
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि यह बजट लैप्स न हो, इसलिए इस तरह का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि यह बजट पंचायतें खर्च करें, लेकिन पंचायती राज संस्थाओं के पास स्टाफ की कमी होने की वजह से इसमें दिक्कत हो रही है। विभाग को बजट का हस्तांतरण किया जाएगा। विभाग योजनाएं तैयार करेगा और संचालन पंचायतें करेंगी। पंचायतें संचालन पर शुल्क भी लगा सकेंगी।
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